पति की नाइट ड्यूटी लगा लूटी पत्नी की अस्मत, 10 साल जेल
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दुष्कर्म के मामले में अपर एवं जिला सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सुल्तान की अदालत ने आरोपी को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। आर्थिक दंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
बीते साल 31 अगस्त की रात को आरोपी धनेंद्र पुत्र हर प्रसाद निवासी ठिरया थाना नवाबगंज बरेली यूपी ने एक नवविवाहिता से तमंचे के बल पर दुष्कर्म किया था। डर के चलते महिला बरेली लौट गई थी। आरोपी महिला का परिचित था।
बरेली के एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद सहसपुर पुलिस ने वारदात के छह दिन बाद आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म एवं जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया था।
जहां करता था काम उसी में लगवाई पति की नौकरी
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश बहुगुणा ने बताया कि आरोपी महिला का परिचित था। महिला के पति को नौकरी दिलाने के नाम पर उसने दोनों को सेलाकुई बुलाया। जहां उन्हें अपने किराए के कमरे पर रखा।
महिला के पति की नौकरी उसी कंपनी में लगवाई जहां आरोपी स्वयं नौकरी करता था। आरोपी ने महिला के पति की नाइट ड्यूटी लगाई थी। इसी का फायदा उठाकर उसने नवविवाहिता से रात के समय दुष्कर्म किया। तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।
मामले में कोर्ट में छह गवाहों ने गवाही दी। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाते हुए 10 साल के सश्रम कारावास और 25 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई।