गाजियाबाद मंदिर प्रेमी युगल हत्याकांड का उत्तराखंड कनेक्शन, मृतक के पिता ने लिया महिला का नाम
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गाजियाबाद में मंदिर में प्रेमी युगल मर्डर मिस्ट्री में नया मोड़ आया है। मृतक अन्नू के पिता खुशहाल सिंह ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे से एक महिला के संबंध थे। अन्नू चौहान का मूल गांव पिथौरागढ़ जिले में नेपाल सीमा से लगे ध्यांण गांव में है।
पिता खुशहाल सिंह ने बताया कि तीन महिलाएं अन्नू के संपर्क में रहती थीं। उनमें से एक महिला नहीं चाहती थी कि अन्नू की शादी हो। उसी ने अन्नू की हत्या कराई है। पुलिस ने उक्त महिला से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस हत्या के बाद से अन्नू के अन्य महिलाओं के संपर्क में रहने की बात कर रही थी। इसी बिंदु पर जांच में जुटी हुई थी। पुलिस के मामला खोलने से पहले ही मृतक के पिता ने बड़ा खुलासा किया है।
बेटा पास में ही रहने वाली महिला के संपर्क में था
खुशहाल सिंह ने बताया कि उनका बेटा पास में ही रहने वाली महिला के संपर्क में था। वह महिला कभी भी उसको फोन करके बुलाती थी। वह घर भी आती रहती थी। बेटा उससे सारी बात बताता था। प्रीति से शादी के बारे में भी उसे सभी बातें पता थीं, लेकिन वह नहीं चाहती थी कि अन्नू किसी और से शादी करे।
उन्होंने बताया कि उक्त महिला के साथ दो महिलाएं और हैं जो अन्नू से फोन पर बात करती थीं। उसके पास आती-जाती थीं और रुपयों को लेकर लेनदेन भी होता था।
अन्नू के कई महिलाओं से थे संबंध
उक्त महिला ने ही मेरे बेटे की हत्या कराई है। रविवार सुबह बेटे के मोबाइल पर कॉल आई और वह 22 मिनट बाद लौटा, लेकिन उसका चेहरा लटका हुआ था। उसके बाद उसकी प्रेमिका प्रीति का फोन आया और दोनों मंदिर चले गए।
उन्होंने बताया कि सुबह जो फोन आया था वह उक्त महिला का ही था। पुलिस भी महिला से संबंध को लेकर जांच कर रही है। एसपी सिटी श्लोक कुमार ने बताया कि अन्नू के कई महिलाओं से संबंध थे। महिलाओं से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
प्रेमिका के घर से नेग में मिले 100 रुपये के बाद मनाया था जश्न
प्रेमी युगल के मर्डर के मामले में पुलिस को जांच के दौरान कई बातें पता चली हैं। अन्नू ने मरने से पहले प्रेमिका के घर से मिले नेग में 100 रुपये को लेकर जश्न मनाया। वह अपने दोस्त की दुकान पर पहुंचा तो उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। प्रेमिका के पिता शादी करने के लिए राजी हो गए थे। बतौर शगुन उसे 100 रुपये भी मिले थे।
अन्नू और प्रीति का काफी समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों ने साथ जीने मरने की कसमें खाई थीं। दोनों शादी के लिए अपने परिवार को राजी करने में लग गए। लड़के के परिवार वाले तैयार हो गए। लड़की ने अपनी मां, बहन और भाई को मना लिया था, लेकिन पिता तैयार नहीं थे। बेटी के बार-बार मनाने पर पिता भी बेटी की खुशी में शामिल हो गए। उन्होंने भी शादी के लिए हां कह दिया। रविवार को अन्नू प्रीति के घर पहुंचा और वहां शादी की बात भी हुई। सबने साथ बैठकर काफी बातें भी की थीं।
प्रीति के माता-पिता ने शगुन के रूप में 100 रुपये दिए थे
बुधवार को प्रीति के घर वाले लड़के के घर पर जाने वाले थे। यहां पर शादी की तारीख तय होनी थी। अन्नू जब प्रीति के घर से चला तो उसके माता-पिता ने शगुन के रूप में उसे 100 रुपये दिए। 100 रुपये मिलने के बाद वह काफी खुश था। सबसे पहले वह दुकान पर पहुंचा और अपने पिता खुशहाल सिंह को बात बताई। रविवार शाम अन्नू ने पिता को दुकान से जल्द घर जाने को कहा। पिता ने बताया कि दुकान से भेजने के बाद वह पास में ही अपने दोस्त की दुकान पर चला गया और उसे प्रेमिका के घर की सारी कहानी बताई।
कहा कि आज सबसे ज्यादा खुश हूं, क्योंकि जो चाहता था आज वह हो गया। अब प्रीति के पिता भी शादी के लिए तैयार हो गए हैं और उन्होंने शगुन के रूप में 100 रुपये दिए हैं। इन रुपयों को मैं कभी खर्च नहीं करूंगा। जिंदगी भर संभालकर रखूंगा। इसके बाद दोस्त की दुकान पर उसने कई गाने गाए और डांस भी किया। डांस को दोस्त ने मोबाइल में रिकॉर्ड भी कर लिया।
मूल रूप से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ का है अन्नू का परिवार
गाजियाबाद में हुए गोलीकांड में मृत अन्नू चौहान का मूल गांव नेपाल सीमा से लगे ध्यांण गांव में है। अन्नू चौहान के पिता खुशाल सिंह 1971 में गांव छोड़कर ऋषिकेश में बस गए थे। वर्तमान में वह यमकेश्वर तहसील के मोहनचट्टी में रह रहे थे। जहां उन्होंने मुर्गी फार्म खोला था। अन्नू के पिता खुशाल सिंह ने बताया कि उनके गांव में पानी नहीं था। इस समस्या के चलते वहां रहने वाले छह परिवारों ने गांव छोड़ दिया था। उसके बाद वह गाजियाबाद आ गए थे।
अब सभी मकान खंडहर हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब कुल देवता की पूजा के लिए जब गांव जाते हैं तो मंदिर की धर्मशाला में ठहरते हैं। पांच साल पहले उनका परिवार ध्यांण गांव आया था। कुमाऊं रेजीमेंट से सेवानिवृत्त खुशाल सिंह ने बताया कि उनकी चार बेटियों की शादी हो चुकी है। छोटा बेटा सुधीर हरिद्वार शांतिकुंज में कंप्यूटर की दुकान चलाता है। खुशाल सिंह ने कहा कि जब तक बेटे के कातिलों को सजा नहीं दिलाएंगे, वह चैन से नहीं बैठेंगे।