Coronavirus: दून अस्पताल की मोर्चरी में नहीं रखे जाएंगे दूसरे अस्पतालों से लाए गए शव, फ्लू ओपीडी इमरजेंसी में होगी शिफ्ट
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बुधवार (15 अप्रैल) से राजकीय दून अस्पताल (कोरोना अस्पताल) की फ्लू ओपीडी में बदलाव किए जाएंगे। इसके अलावा अन्य अस्पतालों से लाए जाने वाले शवों को भी दून अस्पताल की मोर्चरी में नहीं रखा जाएगा। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज प्रशासन का आला अधिकारियों से पत्र व्यवहार चल रहा है।
दून अस्पताल के कोरोना अस्पताल के रूप में बदले जाने के बाद से अब तक सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक फ्लू ओपीडी नई ओपीडी बिल्डिंग में चल रही थी। दो बजे से अगले दिन सुबह आठ बजे तक फ्लू ओपीडी इमरजेंसी से सटे कक्ष में चल रही है।
अब इसमें कुछ बदलाव किया जा रहा है। संभवतः 15 अप्रैल से दो बजे बाद वाली फ्लू की ओपीडी को पुरानी बिल्डिंग की इमरजेंसी में ही चलाया जाएगा। दो बजे बाद इमरजेंसी के सभी कर्मचारी इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) को रिपोर्ट करेंगे।
बता दें कि कोरोना अस्पताल बनाए जाने के बाद से दून अस्पताल में इमरजेंसी के मरीज भी कम आ रहे हैं। 108 सेवा की एंबुलेंस के कर्मचारी भी उन्हें राजकीय जिला अस्पताल या अन्य सरकारी अस्पतालों में ले जा रहे हैं।
दून मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डाॅ आशुतोष सयाना ने बताया कि फ्लू की ओपीडी में अब मरीजों की संख्या घटने लगी है। ऐसे में डाॅक्टरों और अन्य स्टाफ की व्यस्तता अनावश्यक ज्यादा न बढ़े इसे देखते हुए यह निर्णय लिया जा रहा है। अगर कोई इमरजेंसी मरीज आता भी है तो उन्हें अलग कक्ष में रखा जाएगा।
आने वाले रविवार को इसका ट्रायल भी किया जाएगा। इसी तरह, दून अस्पताल की मोर्चरी में अन्य अस्पतालों से लाकर रखे जाने वाले शवों की व्यवस्था राजकीय जिला अस्पताल में किए जाने को लेकर उच्च अधिकारियों से पत्र व्यवहार किया जा रहा है। ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम से कम हो।