Uttarakhand Lockdown: कोरोना मुक्त नौ जिलों को नहीं मिलेगी राहत, राज्य में ये नियम रहेंगे लागू
- केंद्र की गाइड लाइन पर मंत्रिपरिषद का मंथन, सभी 13 जिलों में लागू रहेगा लॉकडाउन
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उत्तराखंड सरकार की 20 अप्रैल से नौ जिलों में आंशिक राहत देने की योजना कामयाब नहीं होगी। मंत्रिपरिषद की बैठक में हुई चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि केंद्र की गाइड लाइन लागू करने के बाद प्रदेश के सभी 13 जिलों में लॉकडाउन जारी रहेगा। किसी भी क्षेत्र में आंशिक राहत देने का प्रावधान नहीं किया जा सकता।
प्रदेश सरकार कोरोना के संक्रमण से मुक्त उत्तरकाशी, टिहरी, चमोेली, चंपावत, बागेश्वर, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और पौड़ी जिलों में 20 अप्रैल के बाद लॉकडाउन में आंशिक राहत देने पर विचार कर रही थी। सरकार का तर्क यह था कि इन जिलों में एक भी कोरोना पाजिटिव केस नहीं मिला है। इसका एक प्रस्ताव बनाकर सरकार ने केंद्र को भेजा था। इसके तहत इन जिलों में कई तरह की गतिविधियां संचालित करने की तैयारी थी। अंतर जनपदीय यातायात भी शुरू किया जाना था।
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व्यवसायिक संस्थानों के साथ कंस्ट्रक्शन कार्य भी चालू करने थे। लेकिन केंद्र की गाइडलाइन का अध्ययन करने के बाद सरकार को झटका लगा है। प्रदेश सरकार लॉकडाउन की अवधि में किसी भी क्षेत्रों में कोई रियायत नहीं दे सकती है। शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि केंद्र से मिले दिशा-निर्देशों को प्रदेश में लागू किया गया है, इसमें किसी भी जिले को लॉकडाउन से बाहर नहीं रखा जा सकता। सरकार की जिन नौ जिलों में बीस अप्रैल से आंशिक राहत देने की योजना थी, उसे अब लागू नहीं किया जा सकता है।
घर से बाहर निकले तो मास्क अनिवार्य
मंत्रिपरिषद ने यह भी निर्णय लिया है कि घर से बाहर निकलने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अनिवार्य रूप से मास्क पहनना होगा। सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा कि जनता को मास्क पहनने के लिए जागरूक किया जाए। इसके बावजूद कोई उल्लंघन करता है तो उस पर कार्रवाई भी की जाए।
शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध
लॉकडाउन के दौरान प्रदेश को आबकारी से होने वाले राजस्व की भारी हानि हो रही है, लेकिन मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया है कि शराब की दुकानों को नहीं खोला जाएगा। शराब की बिक्री राज्य में तीन मई तक पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी।
पांच से अधिक आदमी एक साथ नहीं
प्रदेश सरकार ने केंद्र के दिशा-निर्देशों के तहत कहीं भी पांच से अधिक लोगों के एक साथ निकलने पर रोक लगा दी है। यह रोक लॉकडाउन के तहत आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए निकलने वालों पर भी प्रभावी रहेगी। केवल किसी के निधन पर उसकी अंतिम यात्रा में अधिकतम 20 व्यक्ति जा सकते हैं।
शादी को सशर्त मंजूरी, बरात में सिर्फ चार लोग
सरकार ने शादी समारोह आयोजित करने के लिए अनुमति प्रदान कर दी है। दुल्हन के घर बरात ले जाने पर सख्त प्रावधान किया गया है। दुल्हन के घर केवल दूल्हा और चार बराती जा सकेंगे।
केवल मनरेगा के तहत होंगे निर्माण कार्य
प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत ग्रामीणों को काम देने का निर्णय लिया है। मनरेगा के तहत केवल निर्माण से संबंधित कार्य ही किए जा सकेंगे। इसके अलावा सरकार ने इस बात पर भी विचार किया कि कृषि कार्यों के लिए भी अगर मजदूर नहीं मिलते तो मनरेगा में उसे जोड़ा जाए।
आवारा पशुओं को मिलेगा पशु आहार
मंत्रिपरिषद ने यह भी निर्णय लिया लॉकडाउन के कारण आवारा पशुओं को आहार मुहैया करवाया जाएगा। इसके लिए पशुपालन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। पशुओं के लिए काम करने वाले एनजीओ का भी सहयोग लिया जाएगा। आवारा पशुओं को चिन्हित कर उन्हें चारा मुहैया करवाने के लिए टीमें बनेगी।