Uttarakhand Lockdown : आए थे लड़का देखने, लेकिन 55 दिन से लॉकडाउन में फंसे
- युवती के परिवार के छह लोगों के प्रयागराज लौटने के लिए नहीं मिल पा रही है अनुमति
- पहले लॉकडाउन खत्म होने का किया इंतजार, अब मजिस्ट्रेट कार्यालय का लगा रहे चक्कर
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प्रयागराज से एक परिवार के छह लोग आए तो थे बेटी की शादी के लिए लड़का देखने, लेकिन लॉकडाउन के चलते 55 दिनों से हरिद्वार में ही फंसकर रह गए। पहले तो लॉकडाउन खुलने का इंताजर किया, लेकिन कोई उम्मीद नहीं दिखी तो पास बनवाने के लिए रोजोना मजिस्ट्रेट कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।
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अभी तक उन्हें अनुमति नहीं मिल पाई है। ऐसे में 55 दिनों से मेजबान इनकी मेहमान नवाजी कर रहे हैं। हालांकि, कोरोना काल में मेहमान और मेजबान दोनों एक-दूसरे की भावनाओं को समझ तो खूब रहे हैं, लेकिन हालात से कैसे पार पाएं, यह समस्या आड़े आ रही है। उसमें भी खास बात यह है कि रिश्ता अभी पक्का नहीं हुआ है।
पुराने औद्योगिक क्षेत्र की एक बस्ती में बीती 22 मार्च को प्रयागराज के एक परिवार की तीन महिलाएं और तीन पुरुष बेटी के लिए लड़का देखने आए थे।
कई दिनों से नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय के चक्कर काट रहे
लड़के वाले भी बेटे के रिश्ते को लेकर खासे उत्साहित थे। मेहमानों के आते ही खूब आवभगत की गई।
रिश्तेदारों को बुलाया गया और मेहमानों को हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान कराने के साथ ही प्रमुख मंदिरों में दर्शन कराए गए। सब कुछ ठीक चल रहा था और मेहमानों के लौटने का कार्यक्रम भी तय हो गया था, लेकिन अचानक लॉकडाउन हुआ और ट्रेनें स्थगित कर दी गईं।। तभी से परिवार के लोग यहीं फंसे हैं।
पहले तो कई दिन तक लॉकडाउन एक और दो के पूरा होने का इंतजार किया, लेकिन जब ट्रेन या बस चलने की उम्मीद नहीं दिखी तो कार से ही प्रयागराज जाने की तैयारी की गई। पास बनवाने के लिए ये लोग कई दिनों से नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अनुुमति नहीं मिल पाई है। अब क्षेत्र के एक नेताजी ने जल्द ही अनुमति दिलाने की बात कही है।