उत्तराखंड में कोरोना: दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड टीका लगाने को पंजीकरण जरूरी नहीं
केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश सरकार ने 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को कोविड टीके लगाने के लिए ऑफलाइन की सुविधा दी है।
विस्तार
उत्तराखंड के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की समस्या के चलते कोविड टीका लगवाने के लिए पंजीकरण जरूरी नहीं है। बिना पंजीकरण के भी सीधे टीकाकरण केंद्र में जाकर वैक्सीन की डोज लगवा सकते हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने टीके लगाने के लिए 145 मोबाइल टीमें भी तैनात की हैं।
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प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की समस्या होने के साथ ही स्मार्ट फोन पर पंजीकरण करने की जानकारी न होने के कारण लोगों को दिक्कतें आ रही थीं। लेकिन अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बिना पंजीकरण के भी सीधे नजदीकी केंद्र में जाकर वैक्सीन लगवा सकते हैं।
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उनका पंजीकरण केंद्र में ही आधार और मोबाइल नंबर से किया जाएगा। वहीं, सरकार ने प्रदेश में टीकाकरण के लिए 145 मोबाइल वैक्सीनेशन टीमें तैनात की गई हैं। सरकार ने 290 मोबाइल वैक्सीनेशन टीमें बनाने का लक्ष्य रखा है।
मोबाइल वैक्सीनेशन टीमें
जिला प्रस्तावित स्थापित
अल्मोड़ा 01 01
बागेश्वर 18 18
चमोली 09 09
चंपावत 12 10
देहरादून 29 18
हरिद्वार 31 31
नैनीताल 125 05
पौड़ी 15 15
पिथौरागढ़ 02 02
रुद्रप्रयाग 06 06
टिहरी 09 05
ऊधमसिंह नगर 15 07
उत्तरकाशी 18 18
ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पर लोगों के पास स्मार्ट फोन नहीं है या कनेक्टिविटी की समस्या है। उन क्षेत्रों के लोग सीधे केंद्र में जाकर वैक्सीन लगवा सकते हैं। इसके लिए पंजीकरण की जरूरत नहीं है। पूरे प्रदेश में 145 मोबाइल वैक्सीनेशन टीमें तैनात हैं।
-जेसी पांडे, स्टेट नोडल अधिकारी आईईसी
उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है। सरकार व स्वास्थ्य विभाग को मोबाइल वैक्सीनेशन की तरफ आगे बढ़ना चाहिए। जिससे लोगों के घर के पास ही वैक्सीन लगाने की सुविधा उपलब्ध हो सके।
-अनूप नौटियाल, अध्यक्ष सोशल डवलपमें फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन
युवाओं के लिए कोरोना टीके की दूसरी खुराक का संकट
देहरादून जिले में 18-44 आयु वर्ग के वयस्कों के लिए को वैक्सीन लगभग खत्म हो गई है। ऐसे युवा अब परेशान हैं कि उनको वैक्सीन कब लगेगी। पोर्टल पर भी वह स्लॉट न मिलने के कारण परेशान हैं। कई युवाओं को 11 जून को दूसरी खुराक का मैसेज प्राप्त हुआ है, पर कोवैक्सीन कहीं उपलब्ध नहीं है।
दरअसल, उतराखंड में 18-44 आयु वर्ग का टीकाकरण दस मई को शुरू हुआ था। अब तक राज्य में इस आयु वर्ग के चार लाख 34 हजार 434 व्यक्तियों को टीका लग चुका है। कुछ दिन पहले वैक्सीन की कमी के कारण इस आयु वर्ग का टीकाकरण ठप हो गया था। अब टीकाकरण तो दोबारा शुरू हो गया है, मगर शुरुआती चरण में कोवैक्सीन लगवा चुके युवाओं को सामने दूसरी खुराक का संकट खड़ा हो गया है।
कोवैक्सीन की दूसरी खुराक 28 से 42 दिन के बीच लगती है। फिलहाल 18-44 आयु वर्ग के व्यक्तियों को सिर्फ कोविशील्ड लग रही है। ऐसे में कोवैक्सीन की पहली खुराक ले चुके युवा परेशान हैं। कि उन्हें अगली खुराक वक्त पर लग भी पाएगी या नहीं। इधर, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित का कहना है कि जिन्हें पहली खुराक लगी है, उन्हें दूसरी खुराक लगाना हमारी प्राथमिकता है। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। दूसरी खुराक 28 से 42 दिन के बीच लगती है। इसके लिए व्यवस्था बनाई जा रही है।
दिव्यांगजनों को टीका लगवाने में मदद करेगा विभाग
जनपद देहरादून में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग एवं बुजुर्ग दिव्यांग लाभार्थी जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं तथा उनकी मदद के लिए घर पर कोई नहीं है, ऐसे लाभार्थियों की मदद के लिए जिला प्रशासन द्वारा स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण की सुविधा देने की पहल की है। इस हेतु लाभार्थियों को स्मार्ट सिटी के पोर्टल परा जाकर लिंक https://dsclservices.org.in/vaccine-registration पर स्वयं को पंजीकरण कराना होगा तथा पंजीकरण के समय पहचान पत्र एवं दिव्यांगता पत्र अपलोड करना होगा। पंजीकरण करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम उन्हें संपर्क करेगी एवं टीकाकरण करवाने में उनकी मदद करेगी।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि प्रशासन द्वारा यह पहल की गयी है ताकि कोई भी लाभार्थी टीकाकरण से वंचित ना रह जाए। आम जनता से अपील है कि वे अपने आस-पड़ोस में निवासरत दिव्यांगजन लाभार्थियों तक यह सूचना पहुंचायें एवं उन्हें पोर्टल पर पंजीकरण करने में सहायता करें। पंजीकरण के बाद स्वास्थ्य विभाग उनके टीकाकरण की व्यवस्था करेगा।- मनीष भट्ट