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हरिद्वार: संक्रमित संत को दो हायर सेंटर में भी नहीं मिला बेड, बाबा बर्फानी अस्पताल में तोड़ा दम
Tue, 20 Apr 2021 02:30 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 20 Apr 2021 02:30 AM IST
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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हरिद्वार में कोरोना के गंभीर मरीजों की बढ़ती संख्या के आगे अब संसाधन कम पड़ने लगे हैं। हरिद्वार से गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किए गए एक संत को एम्स ऋषिकेश और दून अस्पताल में वेंटिलेटर या आईसीयू बेड खाली न होने के कारण लौटा दिया गया। सोमवार सुबह हरिद्वार में बाबा बर्फानी कोविड अस्पताल में संक्रमित संत की मौत हो गई।
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रविवार को बैरागी कैंप स्थित अस्थायी अस्पताल से एक 70 वर्षीय संत को भूपतवाला स्थित बाबा बर्फानी कोविड अस्पताल में गंभीर स्थिति में इलाज के लिए भेजा गया था। उनकी हालत बेहद खराब थी और तत्काल वेंटिलेटर की जरूरत थी। इसलिए बाबा बर्फानी अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें एंबुलेंस से जीवन रक्षक प्रणाली के साथ हायर सेंटर रेफर कर दिया।
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बताया गया कि दून अस्पताल और एम्स ऋषिकेश में संत को वेंटिलेटर या आईसीयू बेड नहीं मिल सका। अस्पताल के चिकित्सा सार संक्षेप के अनुसार, दोनों अस्पताल में आईसीयू बेड उपलब्ध नहीं था। इसके बाद बीमार संत को वापस बाबा बर्फानी अस्पताल लाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
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डॉक्टरों ने आननफानन उन्हें आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया, लेकिन उनका ऑक्सीजन लेवल 65 और रेस्पिरेटरी रेट 40 तक पहुंच गया। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद आखिरकार संत ने दम तोड़ दिया।
डॉक्टरों के अनुसार, सुबह 7.45 बजे साधु की मौत हो गई। अब तक कोई शव लेने नहीं आया है। ऐसे में संत का नाम, अखाड़ा और मूल निवास स्थान की पहचान नहीं हो पाई है।
सोमवार सुबह बाबा बर्फानी कोविड अस्पताल में 70 वर्षीय संक्रमित संत की मौत हुई है। उन्हें बैरागी कैंप के अस्थायी अस्पताल से कोविड जांच के बाद रेफर किया गया था। अब तक परिवार या संबंधित अखाड़े का कोई भी व्यक्ति शव लेने नहीं आया है।
-डॉ. एचडी शाक्य, एसीएमओ, हरिद्वार