उत्तराखंड में कोरोना : हरिद्वार में बनेगी रेमडेसिविर, केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त टीम ने किया निरीक्षण
बीमारी से बचाव के लिए भले ही स्वदेशी टीका बनने के बाद लोगों को लगना शुरू हो गया है, लेकिन कोई कारगर दवा नहीं बनी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोनाकाल में मरीजों की जान बचाने के लिए हरिद्वार सिकुडल की फार्मा कंपनियां देशभर में जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति कर रही हैं। एक्मस फार्मा कंपनी इसमें सबसे आगे है।
उत्तराखंड : वैक्सीन आयात करने के प्रयासों को झटका, ग्लोबल टेंडर में एक भी कंपनी नहीं आई
कोविड की दवाओं में शामिल फेबिफ्लू और आईवरमेक्टिन का रिकॉर्ड उत्पादन करने के बाद कंपनी रेमडेसिविर का उत्पादन करने जा रही है। इसके लिए औषधि विभाग केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त टीम ने निरीक्षण भी कर लिया है। जल्द ही एक्मस रेमडेसिविर उत्पादन करने वाले देश की पांचवीं कंपनी हो जाएगी।
कोरोना संक्रमण: चीन सीमा से लगे धारचूला में भी कोरोना का कहर, 249 लोग संक्रमित, सात की हो चुकी मौत
वैश्विक महामारी कोरोनाकाल में दुनियाभर की फार्मा कंपनियां कोरोना के इलाज के लिए कारगर दवाइयां बनाने में जुटी हैं। बीमारी से बचाव के लिए भले ही स्वदेशी टीका बनने के बाद लोगों को लगना शुरू हो गया है, लेकिन कोई कारगर दवा नहीं बनी है।
आईसीएमआर के प्रोटोकाल में मरीजों को पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक, विटामिन सी, एंटी वायरल और मलेरिया में इस्तेमाल होने वाली जैसी दवाएं दी जा रही हैं। इन दवाओं की अचानक मांग बढ़ने पर बाजार में कालाबाजारी होने लगी है।
बाजार की खपत पूरी करने के लिए देशभर की फार्मा कंपनियों को इनके उत्पादन की अनुुमति दी गई है। औषधि निरीक्षक अनिता भारती के मुताबिक हरिद्वार सिडकुल में 50 फार्मा कंपनियां हैं और एक्मस सबसे बड़ी कंपनी है।
राजस्थान और गुजरात से आएगा कच्चा माल
एक्मस कंपनी के एमडी संदीप जैन के मुताबिक आपदा की घड़ी में कंपनी बाजार की हर डिमांड पूरी करने को तैयार है। फेबिफ्लू और आईवरमेक्टिन टैबलेट की देशभर में आपूर्ति हो रही है। डीजीएम डीके शर्मा के मुताबिक कंपनी रेमडेसिविर इंजेक्शन का उत्पादन करने जा रही है। इसके लिए केंद्र और प्रदेश सरकार से अनुमति मिल गई है।
संयुक्त टीम कंपनी का निरीक्षण कर चुकी है। जल्द ही उत्पादन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। रेमडेसिविर बनाने वाली एमक्स देश की पांचवी कंपनी बन जाएगी। डीजीएम डीके शर्मा के मुुताबिक इंजेक्शन उत्पादन के लिए राजस्थान और गुजरात से कच्चा माल आएगा।
ब्लैक फंगस के इंजेक्शन उत्पादन करने में सक्षम
कंपनी के जीएम राजकुमार के मुताबिक ब्लैक फंगस के इंजेक्शन उत्पादन के लिए कंपनी संभावना तलाश रही है। कंपनी ब्लैक फंगस के इंजेक्शन उत्पादन करने में सक्षम है। इसके लिए कागजी औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं। औषधि निरीक्षक अनिता भारती ने बताया कि एक्मस के पास तकनीक, उत्पादन क्षमता और मैन पावर है। हरिद्वार में ब्लैक फंगस और रेमडेसिविर इंजेक्शन उत्पादन होने से प्रदेश ही नहीं देश में काफी राहत मिल जाएगी।