उत्तराखंड में कोरोना : अब अगर मास्क ठीक से नहीं पहना तो लगेगा बढ़ा हुआ जुर्माना
मास्क ठीक से न पहनने वालों को पहली बार में 500 रुपये जुर्माना भरना होगा। यदि वही व्यक्ति दूसरी बार पकड़ा जाता है तो उसे 700 रुपये जुर्माना अदा करना होगा।
विस्तार
मास्क को ठोढ़ी पर पहनने वालों की अब खैर नहीं है। मास्क ठीक से न पहनने वालों पर जुर्माना राशि बढ़ाई गई है। अब उन्हें 1000 रुपये तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। दरअसल, कुछ लोग अब भी महामारी की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं। कुछ मास्क पहनने से कतराते हैं तो कुछ केवल पुलिस से बचने के लिए मामूली मास्क पहनकर बाहर घूम रहे हैं।
उत्तराखंड में कोरोना: शनिवार को 8164 मरीज हुए ठीक, 2903 नए संक्रमित मिले, 64 मरीजों की मौत
इनमें लोगों की एक ऐसी श्रेणी भी शामिल है जो मास्क को ठोढ़ी पर लगाए रहते हैं। मास्क ठीक से न पहनने वालों को पहली बार में 500 रुपये जुर्माना भरना होगा। यदि वही व्यक्ति दूसरी बार पकड़ा जाता है तो उसे 700 रुपये जुर्माना अदा करना होगा। इसके बाद भी यदि वह नहीं सुधरा और तीसरी बार भी पुलिस की निगाह में आता है तो उससे 1000 रुपये वसूल किए जाएंगे।
उत्तराखंड : ब्लैक फंगस महामारी घोषित, कोविड की वजह से माता-पिता को खो चुके बच्चों की मदद करेगी सरकार
अब तक मिल जाती थी छूट
जो लोग मास्क नहीं पहनते हैं उनसे तो जुर्माना वसूला जाता था, लेकिन जो मास्क ठीक से नहीं पहनते हैं वह या तो चतुराई से निकल जाते थे। या फिर पुलिस ही उन्हें हिदायत देकर और मास्क ठीक से पहनने को कहकर जाने देती थी। अब ऐसा व्यक्ति दिखा भी तो उसका चालान काटा जाएगा।
इतना सब कुछ होने पर भी कुछ लोग मास्क पहनने से कतरा रहे हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो मास्क को ठीक से नहीं पहनते हैं। इसके लिए अब जुर्माना राशि को बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में सभी जिलों को निर्देशित किया जा चुका है।
-अशोक कुमार, डीजीप
सरकार ने किया मेडिकल ऑक्सीजन ऑडिट उप समूह का गठन
कोरोना संक्रमित मरीजों को मेडिकल ऑक्सीजन वितरण के लिए प्रदेश सरकार ने भी मेडिकल ऑक्सीजन ऑडिट उप समूह का गठन कर दिया है। शनिवार को मुख्य सचिव ओम प्रकाश की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए।
मेडिकल ऑक्सीजन ऑडिट उप समूह में संयुक्त सचिव खनन मंत्रालय सतेंद्र सिंह, सचिव परिवहन डॉ. रंजीत सिन्हा, निदेशक एम्स ऋषिकेश डॉ. रविकांत, दून मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना, पेसो के सीई बी. सिंह शामिल किया गया।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को राज्यों में मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति व वितरण के लिए नेशनल टास्क फोर्स का गठन करने के निर्देश दिए थे। इस टास्क फोर्स के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मेडिकल ऑक्सीजन ऑडिट उप समूह का गठन किया गया।