उत्तराखंड : देहरादून रायपुर कोविड केयर केंद्र में हुई 27 मौत, अपडेट नहीं किया जा रहा था मरने वाले मरीजों का आंकड़ा
रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में गत वर्ष कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने पर कोविड केयर सेंटर बनाया गया था। इस बार भी मरीजों की संख्या बढ़ने पर आइसोलेशन के रूप में इसे दोबारा से शुरू किया गया।
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कोविड अस्पतालों के बाद अब कोविड केयर केंद्र में भी मरीजों की मौत का मामला सामने आया है। जिले के सबसे बड़े रायपुर स्टेडियम स्थित कोविड केयर केंद्र में इस बार अब तक 27 मरीजों की मौत हो चुकी है। हैरत की बात यह है कि मरने वाले मरीजों की संख्या को सरकारी पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट नहीं किया जा रहा था।
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वहीं, कोविड केयर केंद्र के सूत्रों के मुताबिक, केंद्र के नोडल अधिकारी को रोजाना लिखित में इस बारे में जानकारी दी जाती रही है। कंप्यूटर और डाटा एंट्री ऑपरेटर न होने के कारण केंद्र में इसे पोर्टल पर अपडेट नहीं किया जा पा रहा था।
रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में गत वर्ष कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने पर कोविड केयर सेंटर बनाया गया था। इस बार भी मरीजों की संख्या बढ़ने पर आइसोलेशन के रूप में इसे दोबारा से शुरू किया गया। केंद्र में ज्यादा गंभीर मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा था। इसके बावजूद केंद्र में मरीजों की मौत का आंकड़ा चौंकाने वाला है।
क्योंकि निर्देश थे कि कोविड केयर केंद्र में 90 प्रतिशत से नीचे ऑक्सीजन वाले और गंभीर मरीजों को भर्ती न किया जाए। इसके बावजूद केंद्र में मरीजों की मौतें होती रही और इसे नियमित तौर पर आधिकारिक पोर्टल पर दर्ज भी नहीं किया। जिससे वहां हो रही मौतों के बारे में भी असल स्थिति पता नहीं लग पाई।
ऑक्सीजन सिलेंडर और कंसंट्रेटर भी लगाए गए
रायपुर कोविड केयर केंद्र में ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ ही ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी लगाए गए हैं। ताकि मरीजों को दिक्कत होने पर उन्हें ऑक्सीजन दी जा सके। इसके अलावा वहां पर वरिष्ठ चिकित्सकों की ड्यूटी भी लगाई गई है, जिनकी देखरेख में मरीजों का इलाज चल रहा है। सूत्रों ने बताया कि अस्पतालों में बेड न मिलने पर कुछ राजनीतिक लोगों और अधिकारियों के दबाव में गंभीर मरीजों को भी केंद्र में भर्ती किया गया। जिससे मरीजों की मौत का मामला बढ़ा है।
स्वास्थ्य विभाग ने भेजा कारण बताओ नोटिस
रायपुर कोविड केयर केंद्र में मरीजों की मौत का आंकड़ा रोजाना आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड न किए जाने को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से केंद्र को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप कुमार डिमरी ने बताया कि अब केंद्र का संचालन राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओर से किया जा रहा है। वहां पर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है।
ये क्षेत्र हुए कंटेंनमेंट से मुक्त
जिले के मसूरी क्षेत्रान्तर्गत स्थित बालाहिसार, नगर निगम देहरादून क्षेत्रान्तर्गत स्थित टैगोर कालोनी, 9 चन्दर रोड डालनवाला, 35/79 सुभाष रोड छावड़ा पैथोलॉजी लैब वाली गली, बद्रीपुर माजरीमाफी मार्ग रावत फार्म के पास, बद्रीश विहार कॉलोनी मियांवाला, सन्ता देवी ग्राम जैन्तनवाला मार्ग, राजभवन कालोनी (आवास), तहसील त्यूणी क्षेत्रान्तर्गत ग्राम बौराड़ (कूणा), में कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति चिन्हित होने के फलस्वरूप कंटेंनमेंट जोन घोषित किये गए थे।
उक्त क्षेत्रों में 14 दिन तक एक्टिव सर्विलांस किया गया एवं किसी व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण नही पाए गए तथा मुख्य चिकित्साधिकारी की संस्तुति पर इन क्षेत्रों को कंटेंनमेंट जोन से मुक्त किया गया है।
जिले में कोरोना मरीजों की संख्या एक लाख पर
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया है कि जनपद में रविवार को 1248 व्यक्तियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रविवार तक कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या 100197 हो गयी है, जिनमें कुल 70269 व्यक्ति उपचार के बाद स्वस्थ हो गए हैं। वर्तमान में जनपद में 26865 व्यक्ति उपचाररत हैं। रविवार को जांच के लिए कुल 4917 सैम्पल भेजे गए।
इसके अतिरिक्त आज चकराता, त्यूनी के गांव मंझगांव, संभोज, नैरोना, सुरास आदि में एन्टीजन सैम्पलिंग तथा दवाईयां वितरित की गई। चकराता के ग्रामीण क्षेत्रों में 122 एन्टीजन सैम्पल प्राप्त किए, जिनमें 22 व्यक्ति पॉजिटिव पाए तथा त्यूणी क्षेत्र के गांव में 62 व्यक्तियों के सैम्पल प्राप्त किए जिनमें से 6 व्यक्तियों पॉजिटिव पाए गए।
जनपद में अस्पतालों को 2117 एवं आम नागरिकों 180 आक्सीजन सिलेण्डर वितरित किए। जनपद में जिला प्रशासन द्वारा 446 एवं एसडीआरएफ द्वारा 211 तथा विभिन्न विकासखण्डों में 190 होम आयशोलेशन किट का वितरण किया गया।