#Ladengecoronase : उत्तराखंड सरकार प्रदेश में 1200 कर्मचारियों को सैनिटाइजेशन में लगाया
राज्य सरकार ने आईएएस अधिकारी विनोद कुमार सुमन को सैनिटाइजेशन का नोडल अफसर बनाया है।
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प्रदेश में लगातार बढ़ते जा रहे कोरोना संक्रमण के बीच सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने आईएएस अधिकारी विनोद कुमार सुमन को सैनिटाइजेशन का नोडल अफसर बनाया है। पूरे प्रदेश में चल रही सैनिटाइजेशन की रिपोर्ट वह रोजाना सरकार को दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1200 कर्मचारियों को सैनिटाइजेशन में लगाया गया है।
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कोविड-19 से बचाव के लिए प्रदेश में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, जिसमें 513 वाहनों को लगाया गया है। 370 लाउडस्पीकरों की मदद ली जा रही है। रोजाना दस लाख वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल को सैनिटाइज किया जा रहा है। इसमें कंटेनमेंट जोन से लेकर पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन से जुड़े क्षेत्र भी शामिल हैं। रोजाना 13 हजार 351 लीटर सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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जबकि रोजाना तीन हजार किलोग्राम से अधिक ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कराया जा रहा है। कोशिश है कि जल्द से जल्द कोरोना वायरस से मुक्ति मिल सके। वह रोजाना सरकार को सैनिटाइजेशन की रिपोर्ट उपलब्ध करा रहे हैं।
ग्राम पंचायतों को सैनिटाइजेशन के लिए मिलेंगे 20 हजार रुपये
सैनिटाइजेशन के लिए प्रदेश की प्रत्येक पंचायत को प्रदेश सरकार ने 20 हजार रुपये देने का फैसला किया है। पंचायतों को यह अधिकार दे दिया गया है। वहीं, इससे अधिक खर्च जिलाधिकारी की अनुमति से किया जा सकेगा।
कोरोना के पहले दौर में पंचायतों को 10-10 हजार रुपये दिए गए थे। उस समय यह पैसा आपदा प्रबंधन मद से जारी किया गया था और पंचायतों से कहा गया था कि वे जिला प्रशासन को बिल देकर भुगतान हासिल कर सकती हैं। इस व्यवस्था पर पंचायतों ने नाराजगी भी जताई थी। पंचायत सचिव हरि चंद्र सेमवाल ने बताया कि पंचायतों की ओर से राज्यवित्त के अनटाइड फंड से भुगतान की व्यवस्था की गई है।
पंचायतों को इससे बकाया भुगतान का सामना नहीं करना होगा। कई राज्यों ने लॉकडाउन को अपनाया है और ऐसे में प्रवासियों की वापसी की संभावना बन रही है। इसी को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में भी क्वारंटीन सेंटर और अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सेमवाल को ग्रामीण क्षेत्रों में क्वारंटीन केंद्रों की व्यवस्था के लिए नोडल अधिकारी भी बनाया गया है।
निर्देश दिए गए हैं कि नगर निकायों की तरह ही पंचायतों में भी सैनिटाइजेशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण को रोकने का हर संभव प्रयास किया जाए। अधिकतर प्रवासियों की वापसी गांवों में होने की संभावना है। प्रवासियों को राज्य में आने पर होम क्वारंटीन होने को कहा गया है, इनके लिए व्यवस्था की जाए।
- तीरथ सिंह रावत, मुख्यमंत्री
पुलिसलाइन में आज से शुरू होगा कोविड केयर सेंटर
संक्रमित पुलिसकर्मियों के लिए पुलिस लाइन में कोविड केयर सेंटर व आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था की गई। 16 बेड के इस सेंटर की शुरुआत रविवार से की जाएगी। इसमें पांच बेड का आइसोलेशन वार्ड भी है। इसमें ऑक्सीजन की सुविधा भी होगी।
एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि पुलिसकर्मियों के हितों का ध्यान रखते हुए संक्रमित हुए पुलिसकर्मियों के लिए पुलिस लाइन में कोविड केयर सेंटर और आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया है। संक्रमण के बीच पुलिसकर्मी फ्रंटलाइन वॉरियर्स के रूप में काम कर रहे हैं। ऐसे में पुलिसकर्मियों के संक्रमण की चपेट में आने का खतरा बना हुआ है।
इसीलिए संक्रमित हुए पुलिसकर्मियों और उनके परिवार तक संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए पुलिस लाइन देहरादून में 16 बेड का कोविड केयर सेंटर स्थापित किया गया है। यहां पांच बेड का आइसोलेशन वार्ड और ऑक्सीजन की सुविधा भी होगी। आइसोलेशन वार्ड और कोविड केयर सेंटर 25 अप्रैल से शुरू हो जाएगा।
आइसोलेशन सेंटर में पुलिस हॉस्पिटल में नियुक्त चिकित्सक व उनकी टीम को नियुक्त किया गया है। साथ ही पुलिसकर्मियों के भोजन और दैनिक उपयोग की जरूरी सामान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।