उत्तराखंड में बेकाबू हुआ कोरोना 24 घंटे में 81 की मौत, 5084 और लोग मिले कोरोना संक्रमित
1466 मरीजों को इलाज के बाद घर भेजा गया है। इन्हें मिलाकर 108916 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
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राज्य में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ने के साथ ही मरीजों की मौत के मामले बढ़ते जा रहे हैं। संक्रमण के साथ मृत्यु दर को रोकना सरकार व स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। कोविड काल में पहली बार प्रदेश में एक दिन में 81 कोरोना मरीजों की मौत हुई है, जबकि 5084 और लोग संक्रमित मिले हैं। अब प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 147433 पहुंच गई है।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार शनिवार को 31225 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबकि 13 जिलों में 5084 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। देहरादून जिले में 1736, हरिद्वार में 958, नैनीताल में 592, ऊधमसिंह नगर में 378, चंपावत में 321, पौड़ी में 301, उत्तरकाशी में 215, टिहरी में 190, अल्मोड़ा में 117, पिथौरागढ़ में 123, चमोली में 90, रुद्रप्रयाग में 53, बागेश्वर जिले में 10 संक्रमित मामले मिले हैं।
वहीं, बीते 24 घंटे में प्रदेश में 81 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। इन मौतों को मिलाकर अब तक 2102 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, शनिवार को 1466 मरीजों को इलाज के बाद घर भेजा गया। इन्हें मिलाकर 108916 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
संक्रमित मामले तेजी से बढ़ने के कारण सक्रिय मामले 33330 पहुंच गए हैं। वर्तमान में प्रदेश की रिकवरी दर घट कर 74 प्रतिशत से नीचे आ गई है। जबकि सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण दर बढ़ कर 4.17 प्रतिशत हो गई है।
पहाड़ों में भी तेजी से फैल रहा संक्रमण
मैदानी जिलों के साथ ही पहाड़ों में भी कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। पौड़ी व टिहरी जिले में संक्रमण दर सबसे ज्यादा है। वहीं चंपावत, उत्तरकाशी, पौड़ी, टिहरी, अल्मोड़ा में भी संक्रमित मामलों की संख्या ज्यादा रही है।
जीबी पंत हिमालयी पर्यावरण संस्थान के निदेशक का निधन
जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल के निदेशक और वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रणवीर सिंह रावल (55) का बरेली के राम मूर्ति अस्पताल में निधन हो गया है। वह कुछ दिन पूर्व कोरोना पॉजिटिव मिले थे। उनका उपचार चल रहा था। मूल रूप से गंगोलीहाट के रावल गांव निवासी डॉ. रणवीर सिंह जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल में वर्ष 1992 में युवा वैज्ञानिक के रूप में तैनात हुए थे और फिर 2018 में निदेशक के पद पर तैनात हुए।
पोर्टल पर मिलेगी सभी अस्पतालों में बेड की जानकारी
कोरोना संक्रमित मरीजों को अब भर्ती होने के लिए इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा। सरकार ने मरीजों को आ रही बेड उपलब्धता की समस्या के समाधान के लिए एक पोर्टल तैयार किया है। covid19.uk.gov.in इस पोर्टल पर सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता की जानकारी मिल जाएगी।
नई टिहरी राजकीय नर्सिंग कॉलेज के छात्रावास में 95 छात्र-छात्राएं कोरोना संक्रमित
राजकीय नर्सिंग कॉलेज सुरसिंगधार के छात्रावास में निवासरत 95 छात्र-छात्राएं कोरोना संक्रमित मिले हैं। छात्रावास में छात्र-छात्राओं के कोरोना संक्रमित मिलने से कॉलेज प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। संक्रमित सभी छात्र-छात्राओं को छात्रावास में ही आइसोलेट कर दिया गया।
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छात्र-छात्राओं की निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक टीम गठित की गई है। कॉलेज में कार्यरत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के भी सैंपल लिए जा रहे हैं। छात्रावास के जिन छात्र-छात्राओं की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है कॉलेज प्रशासन अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें घर भेजने की तैयारी में जुट गया है।
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सुरसिंगधार नर्सिंग कॉलेज के छात्रावास में 200 छात्र-छात्राएं निवासरत हैं। चार दिन पहले एक छात्रा में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने पर कॉलेज प्रशासन ने वहां रह रहे सभी छात्र-छात्राओं की आरटीपीसीआर टेस्ट कराया था। प्रधानाचार्य सविता अहमद नाज ने बताया कि आरटीपीसीआर की रिपोर्ट आने पर 95 छात्र-छात्राओं में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।
संक्रमितों को उनकी सुविधानुसार छात्रावास में आइसोलेट कर दिया गया है। कई अन्य छात्रों की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। कार्यरत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है। जिन छात्रों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। उनके अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें घर भेजने की व्यवस्था बनाई जा रही है। डीएम इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य की निगरानी करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक टीम गठित की गई है।
चार जिलों में बढ़ाए 24 कोविड हेल्थ सेंटर
प्रदेेश में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर (डीसीएचसी) की संख्या बढ़ा दी है। ऊधमसिंह नगर, देहरादून, नैनीताल और पौड़ी जिले में 24 डीसीएचसी खोले गए हैं। इससे कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन बेड, आईसीयू, वेंटीलेंटर की उपलब्धता रहेगी। प्रदेेश में अब 52 डीसीएचसी हो गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ऊधमसिंह नगर में 10 डीसीएचसी बनाए गए हैं। जिसमें गौतम हास्पिटल, देवभूमि हास्पिटल, एसएच मल्टी स्पेशलिटी, सिद्वि विनायक हास्पिटल, गहतोड़ी हास्पिटल, केेवीआर, संजीवनी, मंदीप मेट्रो, डॉ.अरविंद शर्मा प्रकाश हास्पिटल, डॉ.मंयक अग्रवाल, श्री कृष्णा हास्पिटल, स्पार्श हास्पिटल को डीसीएचसी बनाया गया। इनमें 342 ऑक्सीजन सर्पोटेड बेड, 97 आईसीयू और 26 वेंटीलेटर की सुविधा है।
देहरादून जिले में नौ डीसीएचसी बनाए गए हैं। जिसमें सुभारती हास्पिटल, कालिंदी हास्पिटल, लेमन हास्पिटल, उत्तरांचल हास्पिटल, शैड हास्पिटल, प्रसाद हास्पिटल, ओएनजीसी, पारस दून, आरोग्यधाम हास्पिटल में 404 ऑक्सीजन बेड, 77 आईसीयू बेड की सुविधा है। नैनीताल जिले में तीन डीसीएचसी बनाए हैं।
इसमें बॉम्बे हास्पिटल, सिद्वि विनायमक हास्पिटल, शुभ हास्पिटल में 43 ऑक्सीजन बेड, 21 आईसीयू बेड की सुविधा है। पौड़ी में जिला अस्पताल और माता कामाख्या मल्टी स्पेशलिटी को डीसीएचसी बनाया गया। यहां पर 60 ऑक्सीजन सर्पोटेड बेड, 24 आईसीयू बेड की सुविधा है।