हरिद्वार: श्मशान घाट पर कम होने लगा चिताओं का बोझ, लकड़ी उठाने का आंकड़ा भी घटकर 50 से 60 कुंतल पहुंचा
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में अब हरिद्वार में मरने वालों की संख्या कम होने लगी है। इससे श्मशान घाटों में चिताओं का बोझ भी कम हुआ है।
विस्तार
हरिद्वार में जहां 12 मई से पहले तीनों श्मशान घाटों में प्रतिदिन करीब 100 से अधिक कोविड मृतकों का अंतिम संस्कार हो रहा था, वहीं अब संख्या घटकर करीब 25 से 30 आ गई है।
मोक्ष धामों के लकड़ी भंडारों का आंकड़ा और घाटों में दाह संस्कार के आंकड़े इसके गवाह हैं। पहले 200 कुंतल प्रतिदिन लकड़ियों की खपत हो रही थी, जो अब 50 से 60 कुंतल आ गई है।
उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में सामने आए 4496 नए संक्रमित, 188 मरीजों की हुई मौत
कोरोना संक्रमण से अप्रैल माह से मौतों का सिलसिला शुरू हुआ। मई के पहले सप्ताह तक श्मशान घाटों में वेटिंग होने लगी। सुबह पांच बजे से देर रात तक चिताएं जल रही थीं। श्मशान घाटों के प्लेट फार्मों पर जगह न मिलने के कारण लोग जहां जगह मिल रही थी वहीं पर चिताएं जला रहे थे।
ऋषिकेश: घाटों पर गंगा में गिर रहे कोरोना संक्रमित शवों के अवशेष, बहाई जा रही अधजली राख, तस्वीरें...
चंडी घाट श्मशान के विस्तारीकरण का प्रस्ताव तक मंजूर हो गया। हरिद्वार मोक्ष धाम है। हरिद्वार में गढ़वाल के कई जिलों के अलावा देहरादून, यूपी के सीमावर्ती जिलों से शव दाह संस्कार के लिए लाए जाते हैं। बीते तीन दिनों से धर्मनगरी के खड़खड़ी, चंड़ीघाट व कनखल श्मशानों में शवों की गिनती कम हो गई है।
चंडी घाट श्मशान घाट
तारीख- कोविड- नान कोविड
12 मई 7 3
13 मई 7 3
14 मई 4 2
15 मई 5 2
कनखल श्मशान घाट
तारीख- कोविड नान कोविड
12 मई 9 10
13 मई 8 8
14 मई 8 7
15 मई 10 6
खड़खड़ी श्मशान घाट
तारीख कोविड नान कोविड
12 मई 11 22
13 मई 11 19
14 मई 16 22
15 मई 11 19
चंडी घाट शमशान घाट पर दहन के लिए आने शवों की संख्या में कमी आ रही है। कोरोना संक्रमितों शवों की संख्या भी कम दर्ज की जा रही है। इससे लकड़ियों की खपत भी कुछ कम हुई है, यह राहत की बात है।
- मान सिंह गुसाईं, सचिव चंडीघाट श्मशान घाट
पिछले चार दिनों में श्मशान घाट में आने वाले कोविड शवों की संख्या कम हुई है। जहां पहले 20 से 25 कोविड मृतकों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। वहीं पिछले चार दिनों में शवों की संख्या 10 तक ही पहुंची।
- हरिओम अनेजा, कोषाध्यक्ष, कनखल श्मशान घाट
लकड़ी का उठान पहले से कम हुआ है। 12 तारीख के बाद से श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए आने वाले कोविड मृतकों की संख्या भी कम हुई है। लकड़ी का उठान भी कम हुआ है।
- राजेंद्र, सेवादार, खड़खड़ी श्मशान घाट