उत्तराखंड: कोरोना को लेकर विवादित बयान पर धस्माना ने दी सफाई, कहा- गीता के आधार पर दिया था उदाहरण
- प्रीतम ने भी पीएम केयर्स फंड पर उठाए सवाल
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कोरोना को लेकर दिए गए विवादित बयान पर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सफाई दी है। धस्माना ने कहा कि उन्होंने गीता के आधार पर कहा था कि बिना ईश्वर की मर्जी से कुछ नहीं होता। उनके इस बयान को संदर्भ से काटकर देखा गया।
#WATCH ...I give example of Krishna everywhere and I just said did corona come without the will of God? Whatever happens in this world happens under watch of God: Uttarakhand Congress leader Suryakant Dhasmana on his "Lord Krishna sent Corona" remark. pic.twitter.com/iHa2w4YKL8
— ANI (@ANI) June 29, 2020विज्ञापन
बीजेपी ने की माफी की मांग
भाजपा उत्तराखंड प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र भसीन ने कहा कि कांग्रेस नेता का यह बयान घोर आपत्तिजनक व निंदनीय है । यह करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला भी है ।
बाबा रामदेव पर कार्रवाई क्यों नहीं
वहीं, उन्होंने कोरोना की दवा बनाने का दावा करने वाले बाबा रामदेव पर इतनी मेहरबानी क्यों दिखाई जा रही है। लोगों के हक के लिए कांग्रेस ने प्रदर्शन किया तो सरकार ने कई कांग्रेसियों पर मुकदमा दर्ज करा दिया।
बाबा रामदेव ने कोरोना की दवा बनाने का दावा किया तो केंद्र और प्रदेश की सरकार चुप हैं, जबकि केंद्र सरकार के आयुष विभाग ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कोरोना से संबंधित दवा का विज्ञापन जारी करने पर प्रतिबंध लगाया हुआ था और सजा का प्रावधान किया था। उधर, कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री नवीन जोशी ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि चीन के सामान के बहिष्कार का हवाई नारा दिया जा रहा है।
प्रीतम ने पीएम केयर्स फंड पर उठाए सवाल
भारत-चीन सीमा विवाद को देखते हुए कांग्रेस ने पीएम से पूछा है कि किस आधार पर चीन की कंपनियों से पीएम केयर्स फंड में दान स्वीकार किया गया। कांग्रेस भवन में सोमवार को मीडिया से मुखातिब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि चीन ने भारत की सीमा में घुसपैठ नहीं की है। सेटेलाइट चित्रों और सामने आ रही रिपोर्ट से स्पष्ट है कि भारत के क्षेत्र पर चीन ने अतिक्रमण किया हुआ है। ऐसा नही है तो फिर सरकार बताए कि किस तरह से भारत के 20 जाबांज शहीद हुए।
प्रीतम ने कहा कि एक तरफ चीन के साथ तनाव बढ़ रहा है तो दूसरी तरफ पीएम केयर्स फंड में चीन की कई कंपनियों से दान स्वीकार किया गया। इस फंड का न तो ऑडिट है और न ही किसी अन्य तरह की पारदर्शिता इसको लेकर बरती गई है। ऐसे में प्रधानमंत्री को चाहिए कि वह वास्तविकता बताएं। कांग्रेस मजबूत और गंभीर विपक्ष है। कांग्रेस की गंभीरता पर शक करने से पहले भाजपा यह बताए कि उसका आजादी की लड़ाई में योगदान क्या है। वार्ता में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, अनुसूचित जाति, जनजाति के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार, कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री गोदावरी थापली, गरिमा दसौनी आदि शामिल थे।
कांग्रेस ने ये उठाए सवाल
1. पीएम केयर्स फंड में चीन की कंपनियों का पैसा स्वीकार क्यों किया?
2. क्या पीएम को विवादास्पद कंपनी हुवेई से सात करोड़ रुपये मिले?
3. क्या चीन की कंपनी ने पीएम केयर्स फंड में 30 करोड़ रुपये का योगदान दिया?
4. क्या पेटीएम ने इस फंड में 100 करोड़ रुपये का योगदान दिया?
5. क्या चीन की कंपनी शाओमी ने इस फंड में 15 करोड़ रुपये दिए?
6. क्या चीनी कंपनी ओप्पो ने इस विवादास्पद फंड में 1 करोड़ रुपये दिए?