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उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में मिले 82 नए संक्रमित, दो की मौत, 122 मरीज हुए ठीक

Sun, 27 Jun 2021 09:48 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 27 Jun 2021 09:48 PM IST
सार

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में अब तक के सबसे कम केस रविवार को आए। वहीं, प्रदेश में रिकवरी रेट भी 95.47 फीसदी तक पहुंच गया है।

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Coronavirus Covid 19 pandemic in Uttarakhand update 27June : 82 New infected and Two died in 24 hours
कोरोना वायरस की जांच (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

विस्तार

उत्तराखंड में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 82 नए मामले सामने आए हैं। वहीं दो मरीजों की मौत हुई है। इसके अलावा आज 122 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। 

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स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, रविवार को 19293 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, अल्मोड़ा में एक, बागेश्वर में चार,  चमोली में एक, चंपावत में चार, देहरादून में 38, हरिद्वार में छह, नैनीताल में चार, पौड़ी में छह, पिथौरागढ़ में दो, रुद्रप्रयाग में दो, टिहरी में छह, ऊधमसिंह नगर में छह और उत्तरकाशी में दो मामले सामने आए हैं। आपको बता दें कि 23 मार्च के बाद रविवार को प्रदेश में सबसे कम केस मिले हैं। बीते 23 मार्च को प्रदेश में 94 केस आए थे।
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प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या तीन लाख 39 हजार 619 हो गई है। इनमें से तीन लाख 24 हजार 249 लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं, सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 2465 पहुंच गई है। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक चुल 7088 लोगों की जान जा चुकी है।

ब्लैक फंगस के छह नए मामले 
प्रदेश में ब्लैक फंगस के छह नए मामले सामने आए हैं जबकि दो मरीजों की मौत हुई है। वहीं चार लोगों को ठीक होने पर दो अस्पतालों से छुट्टी दी गई है। फंगस के अब तक 492 मामले रिकॉर्ड किए गए हैं। इनमें से 92 की मृत्यु हो चुकी है जबकि 80 मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। 

प्रदेश में अब केवल तीन कंटेनमेंट जोन
कोरोना की दूसरी लहर के धीमा पड़ने के साथ ही कंटेनमेंट जोन की संख्या में भी कमी आ गई है। प्रदेश में इस वक्त केवल तीन कंटेनमेंट जोन हैं। इनमें एक जोन देहरादून का ग्राम सिलोदा है जो कि 14 जून को कंटेनमेंट जोन बनाया गया था। वहीं, रुड़की में नासिरपुर और शिकारपुर गांव भी कंटेनमेंट जोन हैं। इन्हें जून के प्रथम सप्ताह में कंटेनमेंट बनाया गया था।

23 हजार से ज्यादा को लगी कोरोना वैक्सीन
टीकाकरण अभियान के तहत रविवार को प्रदेश में 23 हजार 917 लोगों को कोरोना वैक्सीन दी गई। अभी तक प्रदेश में 34 लाख 41 हजार 875 लोगों को कोरोना का पहला टीका लगाया जा चुका है। सात लाख 71 हजार 418 को कोरोना की दोनों वैक्सीन दी जा चुकी है। 18 से 44 आयु वर्ग में 35 हजार 658 लोगों को कोरोना के दोनों टीके लगाए जा चुके हैं।

कोरोना संक्रमण की दर एक प्रतिशत से भी नीचे
प्रदेश में पिछले एक सप्ताह में कोरोना संक्रमण की दर एक प्रतिशत से भी नीचे पहुंच चुकी है। सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्यूनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल के मुताबिक, 20 से 26 जून के बीच प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर 0.62 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई है। इससे पूर्व 13-19 जून को 1.1 प्रतिशत, 6-12 जून को 1.83 प्रतिशत, 30 मई से 5 जून को 3.19 प्रतिशत थी। 

कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट की रोकथाम के दिशानिर्देश जारी

कोरोना वायरस के नए डेल्टा प्लस वेरिएंट की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को दिशानिर्देश जारी किए हैं। जिसमें रोगियों की पहचान के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत करने के साथ ही कोविड अस्पतालों, कोविड केयर सेंटरों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं का इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। 

स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा की ओर से जारी दिशानिर्देश में जिलों को डेल्टा प्लस वेरिएंट की रोकथाम के लिए विशेष एहतियात बरतने को कहा गया है। वर्तमान में देश के कई राज्यों में डेल्टा वेरिएंट तेजी से फैल रहा है। कोरोना के इस वेरिएंट तेजी से फैल रहा है। साथ ही फेफड़ों में ज्यादा नुकसान पहुंचाने के साथ शरीर में एंटीबॉडी को कम कर रहा है। 

महानिदेशक ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए कि कोरोना और इनफ्लूजा के लक्षण वाले मरीजों में डेल्टा वेरिएंट की पहचान के लिए निगरानी बढ़ाई जाए। हालांकि अभी तक प्रदेश में डेल्टा वेरिएंट का कोई मामला सामने नहीं आया है। इस वेरिएंट का पता लगाने के लिए कोविड जांच लैबों से सैंपल जीनोम सीक्वेसिंग के लिए भेजे जा रहे हैं। 

डेल्टा प्लस वेरिएंट की चुनौती सामने और कम हो रहीं कोविड सैंपल जांच

प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर की रफ्तार भले ही कम हुई है लेकिन वायरस के नए वेरिएंट डेल्टा प्लस को रोकथाम की बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद भी प्रदेश में कोविड सैंपल जांच लगातार कम हो रही हैं। बीते तीन सप्ताह में 29 प्रतिशत कम टेस्ट हुए हैं। जबकि सरकार ने प्रतिदिन 40 हजार सैंपल जांच करने के निर्देश दिए थे। 

कोरोना संक्रमण का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है। प्रदेश में कोरोना संक्रमित मामले घटने के साथ सैंपल जांच भी कम हो गई हैं। सरकार व शासन की ओर से संक्रमित मामले कम होने के बाद भी सभी जिलों को सैंपल जांच बढ़ाने को कहा गया था। 16 मई से पांच जून तक यानी तीन सप्ताह में प्रदेश में 708307 टेस्ट किए गए। जबकि 6 से 26 जून तक 504111 सैंपलों की जांच की गई। जो 29 प्रतिशत कम है। 

देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस का नया रूप डेल्टा प्लस तेजी से फैल रहा है। प्रदेश में डेल्टा प्लस की रोकथाम करने की चुनौती है। इसके बावजूद भी प्रदेश में सैंपल जांच कम हो रही है। सोशल डेवलपमेंट फार कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल का कहना है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण कम होने के साथ ही कोविड टेस्ट में लगातार कमी आ रही है। सरकार व स्वास्थ्य विभाग को सैंपल जांच बढ़ाने की आवश्यकता है। जिससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
 
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