कोरोना वायरस: छुट्टी के निर्देश के बावजूद स्कूल खोलने पर देहरादून के छह स्कूलों को नोटिस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए उत्तराखंड शासन द्वारा 12वीं तक के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल में छुट्टी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद स्कूल खोलने पर कुछ स्कूलों को नोटिस भेजा गया है। देहरादून के ब्राइटलैंड, एन मैरी, दून सरला, डीडी स्कूल, कैस्पर स्कूल और फ्यूचर एरा को नोटिस जारी किया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी आशारानी पैन्यूली ने कहा कि अब अगर किसी ने विद्यालय खोला तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बोर्डिंग स्कूलों को भी जारी किए निर्देश
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी बोर्डिंग स्कूलों को कक्षाओं का संचालन बंद करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में छात्र-छात्राएं रह सकती हैं। उन्होंने हॉस्टल व अन्य स्थानों पर सैनेटाइजेशन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इससे पहले ज्यादातर बोर्डिंग स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को हॉस्टल से घर भेजने पर खतरा ज्यादा बढ़ने का अंदेशा जताया था।
कोरोना वायरस के डर से लोग एहतियातन सिनेमाघर, मॉल आवाजाही वाले सार्वजनिक स्थलों पर जाने से गुरेज कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में शहर के सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या में कमी भी दर्ज की गई। वहीं, शहर में होने वाले कई बड़े आयोजन रद्द कर दिए। खेल के मैदान भी इससे अछूते नहीं रहे। प्रदेश भाजपा की ओर से 21 मार्च से शुरू होने वाले तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को भी रद्द कर दिया गया है।
विजी ट्रॉफी स्थगित
बीसीसीआई विजी ट्रॉफी स्थगित कर दी गई है। बीसीसीआई की ओर से कोरोना वायरस से बचाव के तौर पर इंटरनेशनल, घरेलू मैच रद्द करने के निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके बाद क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड ने यह फैसला लिया। वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून द्वारा 20 एवं 21 मार्च 2020 को किसान मेले का आयोजन भी निरस्त कर दिया गया है।
उत्तराखंड सरकार ने होटलों और रेस्टोरेंटों के लिए गाइडलाइन जारी की है। होटल व रेस्टोरेंट के रिसेप्शन एरिया में एल्कोहल सैनेटाइजर व मास्क रखने के निर्देश दिए गए हैं। होटल में ठहरने वाले लोगों को सर्दी, जुकाम, खांसी के लक्षण होने पर मास्क उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही होटल में एल्कोहल युक्त सैनेटाइजर का इस्तेमाल किया जाए। होटल के रिसेप्शन, लॉबी, कांफ्रेंस हाल, बिजनेस सेंटर, जिम की सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।
होटल संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि टेबल, टेलीफोन, डेस्क, रेलिंग, बैड, लाइट के स्विच, शीशे, टायलेट फ्लोर की नियमित रूप से सफाई की जाएगी। लिफ्ट की सप्ताह में एक दिन सफाई होनी चाहिए। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए केंद्र सरकार ने होटल व रेस्टोरेंट के लिए अलग से गाइडलाइन जारी की है।
आईआईटी में मिला कोरोना का संदिग्ध मरीज
जापान से लौटे रुड़की आईआईटी के शोधार्थी को खांसी और गले में खरास होने की शिकायत पर सिविल अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने आईआईटी पहुंचकर मरीज का ब्लड सैंपल लिया। सैंपल को जांच के लिए दिल्ली भेज दिया गया है। सीएमएस ने बताया कि संदिग्ध मरीज को हरिद्वार स्थित कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया है। अगले 72 घंटे तक अस्पताल प्रबंधन उसे अपनी निगरानी में रखेगा।
रुड़की आईआईटी का एक शोधार्थी तीन मार्च को जापान से लौटा था। बीते शुक्रवार को इस शोधार्थी को खांसी और गले में खरास की शिकायत हुई। इसके बाद मरीज ने सिविल अस्पताल प्रबंधन को इसकी सूचना दी। सूचना के बाद सीएमएस डॉ. संजय कंसल, कोरोना वायरस निगरानी के नोडल अधिकारी डॉ. एके मिश्रा और अस्पताल प्रबंधक दिव्यांशु ने आईआईटी पहुंचकर मरीज की जांच की।
जांच करने पर टीम ने पाया कि मरीज को मामूली खांसी और गले में खरास की शिकायत थी, लेकिन मरीज विदेश से भी लौटा है इसलिए ऐहतियात मरीज का ब्लड सैंपल लेकर रिपोर्ट जांच के लिए भेज दी गई है। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि संदिग्ध मरीज को हरिद्वार जिला के कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया है।
मरीज को 72 घंटे तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। सीएमएस ने बताया कि आईआईटी परिसर के ही तीन अन्य शोधार्थियों की जांच भी की गई। बताया कि हाल ही में अमेरिका से लौटे तीनों शोधार्थियों का मेडिकल चेकअप किया गया है। तीनों शोधार्थी पूरी तरह स्वस्थ हैं।
विदेश से लौटे 62 ट्रेनी आईएफएस अफसरों की हुई जांच
वहीं दूसरे देशों से प्रशिक्षण लेकर लौटे देहरादून स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के 62 ट्रेनी आईएफएस अफसरों की डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम ने स्वास्थ्य जांच की। चार ट्रेनी अफसरों में खांसी जुकाम के लक्षण मिलने पर उन्हें कोरोना संदिग्ध मानकर सैंपल जांच के लिए हल्द्वानी भेज दिए गए हैं।
बृहस्पतिवार देर शाम और शुक्रवार को फीनलैंड, स्पेन और रूस आदि देशों से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के 62 ट्रेनी अफसर प्रशिक्षण लेकर देहरादून लौटे। बाहरी देशों से आने की वजह से संस्थान ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। सीएमओ डॉ. मीनाक्षी जोशी के निर्देश पर कोरोना के जिला नोडल अफसर डॉ. दिनेश चौहान डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की टीम के साथ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी पहुंचे।
डॉ. दिनेश चौहान ने बताया कि विदेश से लौटे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के 62 ट्रेनी अफसरों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग की गई। जिनमें से चार ट्रेनी आईएफएस अफसरों को कोरोना संदिग्ध मानते हुए सैंपल जांच के लिए डॉ. सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी जांच के लिए भेजा है।
मीट खाने से नहीं होता कोरोना संक्रमण
कोरोना संक्रमण की दहशत के बीच मीट और चिकन के कारोबार में भी मंदी की खबरें आ रही हैं। लोगों में यह बात भी फैल रही है कि मीट चिकन खाने से भी कोरोना का संक्रमण हो सकता है, जबकि डॉक्टर इस तरह के किसी तरह के वैज्ञानिक प्रमाण होने की बात से इंकार कर रहे हैं।
टर्नर रोड स्थित वेलमेड अस्पताल के वरिष्ठ सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक कुमार वर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमण सांस द्वारा फैलने वाला रोग है। इस बात का अभी तक कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि मीट चिकन खाने से कोरोना का संक्रमण फैलता है। कच्चा मांस खाने से जरूर दूसरी बीमारियां हो सकती हैं, लेकिन इससे कोरोना संक्रमण होने की बात किसी वैज्ञानिक अध्ययन में सामने नहीं आई है।