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Dehradun News: चेक बाउंस में दोषी को छह माह की सजा, जुर्माना भी
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चेक बाउंस के एक मामले में सी.जे.एम./सप्तम अपर सिविल जज (सी.डी.) अनामिका सिंह की अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए छह माह के कारावास और पांच लाख 35 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
तिलक रोड स्थित कोहली एंड सन्स के स्वामी अमरजीत कोहली और पांवटा साहिब स्थित रंधावा एंड बांगा कार पॉइंट के संचालक जितेंद्र सिंह के बीच लंबे समय से व्यापारिक संबंध थे। दोनों परिवारों के बीच भी पुरानी जान-पहचान थी, जिसके चलते आपसी भरोसे पर आर्थिक लेन-देन हुआ। परिवादी अमरजीत कोहली ने अदालत को बताया कि सितंबर 2020 में उन्होंने अभियुक्त को तीन लाख रुपये उधार दिए थे, जबकि करीब दो लाख रुपये पुराने माल का बकाया था। इस प्रकार कुल पांच लाख रुपये की देनदारी बनती थी। उक्त रकम के भुगतान के लिए आरोपी ने 26 अगस्त 2021 को एक चेक जारी किया। जब परिवादी ने चेक को बैंक में प्रस्तुत किया तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद नियमानुसार नोटिस भेजा गया, लेकिन भुगतान नहीं होने पर मामला न्यायालय में दायर किया गया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी पाया। शनिवार को अदालत ने अपने फैसले में अभियुक्त को छह माह के साधारण कारावास के साथ पांच लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया।
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तिलक रोड स्थित कोहली एंड सन्स के स्वामी अमरजीत कोहली और पांवटा साहिब स्थित रंधावा एंड बांगा कार पॉइंट के संचालक जितेंद्र सिंह के बीच लंबे समय से व्यापारिक संबंध थे। दोनों परिवारों के बीच भी पुरानी जान-पहचान थी, जिसके चलते आपसी भरोसे पर आर्थिक लेन-देन हुआ। परिवादी अमरजीत कोहली ने अदालत को बताया कि सितंबर 2020 में उन्होंने अभियुक्त को तीन लाख रुपये उधार दिए थे, जबकि करीब दो लाख रुपये पुराने माल का बकाया था। इस प्रकार कुल पांच लाख रुपये की देनदारी बनती थी। उक्त रकम के भुगतान के लिए आरोपी ने 26 अगस्त 2021 को एक चेक जारी किया। जब परिवादी ने चेक को बैंक में प्रस्तुत किया तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद नियमानुसार नोटिस भेजा गया, लेकिन भुगतान नहीं होने पर मामला न्यायालय में दायर किया गया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी पाया। शनिवार को अदालत ने अपने फैसले में अभियुक्त को छह माह के साधारण कारावास के साथ पांच लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया।
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