हरिद्वार: कांस्टेबल ने फांसी लगाकर किया आत्महत्या का प्रयास, आर्थिक तंगी बताई जा रही कारण
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सिडकुल क्षेत्र के नवोदय नगर में सोमवार दोपहर कोतवाली ज्वालापुर में तैनात एक कांस्टेबल ने फांसी लगाकर आत्महत्या करनी चाही। मौके पर पहुंची उसकी पत्नी ने पति को फंसे से नीचे उतारकर अस्पताल में भर्ती कराया।
जहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। कांस्टेबल के आत्महत्या का प्रयास करने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। प्रथम दृष्टया आत्महत्या करने के पीछे के कारण आर्थिक तंगी बताई जा रही है।
मूल रूप से चमोली जिले के पोखरी क्षेत्र निवासी 30 वर्षीय कांस्टेबल की तैनाती कोतवाली ज्वालापुर में है। फिलहाल वह सिडकुल के नवोदय नगर में रह रहा है। रोजाना की तरह सोमवार को भी कांस्टेबल ड्यूटी पर पहुंचा था। मगर कुछ घंटों बाद वह बैंक में आवश्यक कार्य होने की बात कहकर चला गया। कोतवाली से अपने घर पहुंचे कांस्टेबल ने कमरे में पहुंचकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। कुछ देर बाद घरेलू कामकाज में जुटी पत्नी जब कमरे में पहुंची तो दरवाजा नहीं खुला।
अनहोनी की आशंका को देखते हुए पत्नी ने दरवाजे को जोर से धक्का मारा तो देखा कि दरवाजा बंद करने के लिए सोफा रखा हुआ था। पत्नी ने किसी तरह दरवाजा पूरा खोला तो सामने पति को फंदे पर झूलता देख उनके होश उड़ गए। पत्नी ने तुरंत दौड़कर पति को सहारा दिया और जैसे तैसे उन्हें नीचे उतारा। हालत बिगड़ते देख एक रिश्तेदार की मदद से उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर दिया गया। कांस्टेबल के आत्महत्या कर लेने के प्रयास की सूचना मिलते ही एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, एएसपी आयुष अग्रवाल, कोतवाली ज्वालापुर प्रभारी मनोज मैनवाल एवं सिडकुल पुलिस मौके पर पहुंची। एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि अभी कांस्टेबल से कोई बात नहीं हो पाई है। फिलहाल उनकी पत्नी से हुई पूछताछ में आत्महत्या का प्रयास करने के पीछे आर्थिक तंगी की बात सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है।
कांस्टेबल पर था एक लाख का कर्ज
कांस्टेबल के आत्महत्या करने के पीछे की मुख्य वजह सहकर्मी से एक लाख की रकम उधार लेने की बात निकलकर आ रही है। यह बात सामने आ रहा है कि सहकर्मी बार बार उधार की रकम लौटा देने की बात कह रहा था और कांस्टेबल ने 26 मई को रकम लौटाने का वायदा भी सहकर्मी से किया था। संभावना है कि रकम लौटाने का दबाव बनने पर ही कांस्टेबल ने आत्महत्या करने के लिए कदम उठाया। कांस्टेबल के इस कदम से पूरे पुलिस महकमे में अफरा तफरी का माहौल है।
ज्वालापुर कोतवाली में तैनात कांस्टेबल ने करीब सवा साल पहले मकान बनाने के लिए अपने एक सहकर्मी से एक लाख की रकम उधार ली थी, लेकिन सवा साल गुजरने के बाद भी वह रकम लौटा नहीं सका था। सहकर्मी बार बार रकम वापस लौटाने की मांग कर रहा था। पुलिस सूत्रों की माने तो कांस्टेबल ने वादा किया था कि वह 26 मई को रकम दे देगा। हालांकि पुलिस अफसर फिलहाल इस बात पर कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
सुबह बिलकुल सामान्य दिखा कांस्टेबल
सुबह के वक्त जब कांस्टेबल कोतवाली आया था तब वह सामान्य था। उसे देखकर किसी भी सहकर्मी को ऐसा नहीं लगा कि वह तनाव में है। इसलिए किसी को यकीन भी नहीं हुआ कि उसने इस तरह का कदम उठाया है। जब वह कोतवाली से बैंक जाने की बात कहकर निकला तब भी किसी को इस तरह का संदेह नहीं हुआ कि वह भारी मानसिक तनाव में है।