पुलिस ने कोबरा गैंग के दो लुटेरों को किया गिरफ्तार, तमंचे का भय दिखाकर करते थे चेन स्नेचिंग
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राजधानी और ऋषिकेश में चेन लूट की ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देने में दिल्ली के कोबरा गैंग का हाथ था। पुलिस ने शनिवार को गैंग के दो बदमाशों को रुड़की से गिरफ्तार कर लूट की सात वारदातों का खुलासा करने का दावा किया है, जबकि इनका तीसरा साथी पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो गया। लुटेरे पहाड़ाें के मौसम का आनंद लेने के साथ लूट की योजना बनाकर आए थे।
राजधानी और ऋषिकेश में चार दिन तक कहर बरपाने वाले चेन लुटेरे आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गए। बाइक और स्कूटी सवार तीन बदमाशाें ने 12 जुलाई की शाम से लेकर 15 जुलाई तक थाना नेहरू कॉलोनी, बसंत विहार, रायपुर और ऋषिकेश में लूट की सात वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की नींद हराम कर दी थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने सोमवार को मीडिया को चेन लुटेरों की गिरफ्तारी की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि चेन लूट की वारदातों के बाद एसपी सिटी श्वेता चौबे और एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल के निर्देशन में ऋषिकेश, एसओजी, रायपुर और बसंत विहार पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई थी। सीसीटीवी फुटेज, होटल और गेस्ट हाउस के चेकिंग के आधार पर मिले इनपुट पर जांच को आगे बढ़ाया गया।
तलाश के दौरान सूचना के आधार पर पुलिस ने रुड़की और कलियर के बीच बाइक व स्कूटी सवार तीन युवकों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस से बचने को भागने का प्रयास किया, लेकिन मोड़ पर हड़बड़ाहट में गिर गए।
पुलिस ने तुरंत मोहम्मद लिंटोन उर्फ हंसमुख निवासी मकुवा पश्चिमी बंगाल (हाल निवासी नेहरू बस्ती मिंटो रोड नई दिल्ली) और मोहम्मद अनवर उर्फ बिहारी निवासी महाराणा प्रताप चौक सहरसा बिहार (हाल निवासी वजीराबाद थाना तिमारपुर नई दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरा आरोपी अरशद निवासी वजीराबाद नई दिल्ली भागने में सफल हो गया। कोबरा गैंग के इन बदमाशों से शहर और ऋषिकेश से लूटा गया पूरा माल बरामद कर लिया गया है।
अपराध से रहा है पुराना नाता
पकड़े गए बदमाशों लिंटोन उर्फ हंसमुख और अनवर का अपराध से पुराना नाता रहा। गैंग का सरगना अनवर ने 2016 जयपुर में 20 लाख रुपये की लूट की थी। जबकि लिंटोन दिल्ली के दरियागंज से 10 लाख और दिल्ली रेलवे स्टेशन से पांच लाख रुपये की लूट में जेल गया है।
वारदात से पहले हटा देते थे नंबर प्लेट
देहरादून घूमने और वारदात को अंजाम देने के लिए तीनों आरोपी बिना नंबर की बाइक और स्कूटी पर 11 जुलाई की रात 12 बजे दिल्ली से चले थे। यहां रेलवे स्टेशन पर सोने के बाद यह तीनों घूमने के लिए मसूरी रोड पर निकल गए थे। वापस आने के बाद बदमाशों ने गांधी रोड पर एक गेस्ट हाउस में कमरा किराए पर लिया था। शुक्रवार रात पहली वारदात को अंजाम दिया था। शनिवार रात को कारोबारी दंपति से लूट की थी। इसके बाद रविवार को तीन और सोमवार को दो वारदातों को अंजाम दिया। वारदात को अंजाम देने से पहले वे अपने वाहन की नंबर प्लेट हटा देते थे।
लूट के बाद बदल लेते थे कपड़े
कोबरा गैंग पुलिस के हर हथकंडे से वाकिफ है। पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि वारदात के समय बदमाश एक-एक जोड़ी कपड़े अपने साथ रखते हैं। वारदात के बाद वह कमरे में जाकर कपड़े बदल लेते थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके। बसंत विहार के विजय पार्क में हवाई फायरिंग कर चेन लूटने के बाद स्कूटी सवार दोनों बदमाश सीधे कमरे पर गए, जहां पर कपड़े बदलने के 10 मिनट बाद रायपुर क्षेत्र में निकल गए थे।
शहर की गलियों से वाकिफ है अरशद
कोबरा गैंग का अरशद शहर की अनेक गलियों और इलाकों से पूरी तरह वाकिफ है। वह कई साल पहले यहां सर्फ बेचने का काम कर चुका है। इसलिए यहां आने पर अरशद ने पहले शहर का भ्रमण कराया था। इसके बाद वारदातों को अंजाम दिया।