सैन्य अफसरों के बर्ताव से नाराज हुए CM, जीटीसी नहीं ओएनजीसी हेलीपैड से भरी उड़ान
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बताया जाता है कि सैन्य अफसरों के रवैये से क्षुब्ध अधिकारियों ने रक्षा मंत्रालय को भी इस घटना से अवगत कराया है। उधर, सब एरिया के जीओसी मेजर जनरल जेएस यादव मंगलवार को सचिवालय आए, जहां उन्होंने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से बातचीत की।
उत्तरकाशी के सांवणी में हुए अग्निकांड पीड़ितों को मुआवजा बांटने के लिए रविवार को जीटीसी हेलीपैड से मुख्यमंत्री को उत्तरकाशी रवाना होना था। यहां पहले गाड़ियों के प्रवेश और फिर मुख्यमंत्री के उत्तरकाशी से लौटते वक्त सैन्य अफसरों से विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
सैन्य अफसरों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज
मामले में मुख्यमंत्री के मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने कैंट थाने में सैन्य अफसरों के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई है। मंगलवार को मामला प्रकाश में आने के बाद से दोनों ही पक्षों की ओर से सुलह-समझौते की कोशिशें शुरू हुईं। इस क्रम में मेजर जनरल जेएस यादव सचिवालय में मुख्य सचिव से मिलने पहुंचे, जहां दोनों अफसरों के बीच रविवार के विवाद को लेकर बातचीत हुई।
मुख्य सचिव ने बताया कि रविवार की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थी। उन्होंने कहा कि सैन्य अफसरों के साथ यह समझने की कोशिश की गई कि आखिरकार इसके पीछे क्या कारण थे। साथ ही इस बात पर भी चर्चा हुई कि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि सेना और शासन के बीच काफी बेहतर समन्वय है।
बीते दिनों सिविल मिलिट्री लाइजन की बैठक में खुद मुख्यमंत्री मौजूद रहे। बैठक में लंबे अरसे से चले आ रहे मुद्दों को सुलझाया भी गया। उधर, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को तय कार्यक्रम के तहत मंगलवार को सहारनपुर जाना था, मगर उन्होंने जीटीसी के बजाए ओएनजीसी हैलीपैड से यात्रा की। लौटते वक्त भी उनका हेलीकॉप्टर ओएनजीसी हेलीपैड पर ही उतरा।