अमित शाह को ऐसे ही नहीं कहते बीजेपी का 'चाणक्य', पूरी रणनीति से कांग्रेस को किया चित्त
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उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि, अमित शाह को ऐसे ही बीजेपी का चाणक्य नहीं कहा जाता है। उन्होंने पूरी रणनीति के साथ कांग्रेस को चित्त करने का चक्रव्यूह तैयार किया था। ये पीएम मोदी और उनके ही प्रयासों का परिणाम है।
गुजरात और हिमाचल में भाजपा की जीत का सेहरा मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सिर बांधा है। उन्होें दोनों ही राज्यों की जनता को इस जीत के लिए धन्यवाद दिया है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की जीत के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारण प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारत को दिया जाने वाला पवित्र शासन और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की कुशल रणनीति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश की जनता ने भाजपा की नीतियों, कार्यक्रमों और स्वच्छ प्रशासन पर अपनी मुहर लगाई है।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में भाजपा की सरकार उत्तराखंड के लिए हितकर साबित होंगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी से सभी लंबित मुद्दों पर सकारात्मक वार्ता हो रही है।
जानिए और क्या बोले
कई वर्षो से लंबित सिंचाई विभाग की 36 नहरों का प्रकरण सुलझा लिया गया है और ये उत्तराखंड को हस्तांतरित कर दी गई हैं। इसी प्रकार पर्यटन विभाग के अंतर्गत अलकनंदा होटल भी उत्तराखंड को हस्तांतरित करने की कार्रवाई अंतिम चरण में है।
परिवहन विभाग के उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड समझौते पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं हिमाचल, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में भी जहां उत्तराखंड परिवहन निगम की बसें जाती हैं उनसे भी सकारात्मक वार्ता की जाएगी।
हिमाचल और उत्तराखंड के मध्य नदियों पर पावर, सिंचाई प्रोजेक्ट, पेयजल परियोजनाओं पर भी सकारात्मक कार्य प्रारंभ होने की उम्मीद जताई। उत्तराखंड सरकार के 9 माह पूर्ण होने से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवधि में सरकार ने भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
सरकार की योजनाएं आकार ले रही हैं और आने वाले समय में लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। इस अवधि में सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का पूरी शिद्दत के साथ पालन किया है। सरकार बड़े भ्रष्टाचार रोक पाने में सफल रही है। इसके अलावा सरकार आर्थिक अनुशासन लाने की दिशा में भी अग्रसर है।