बेबस दिखे Cm रावत, बोले 'चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहा'
- राज्य में वित्तीय संसाधनों की कमी पर जताया दुख, व्यक्त की छटपटाहट
- नाबार्ड के 35वें स्थापना दिवस समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे मुख्यमंत्री
- कहा, उत्तराखंड में सब कुछ हैं, छिपी है अपार संभावनाएं पर नहीं है तो पैसा
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नाबार्ड के 35वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत एक ऐसे बेबस उद्यमी की तरह बोले, जिसके पास शानदार कार्ययोजना है, उसको शिखर पर ले जाने का जुनून व नक्शा है, अपार अवसर भी हैं, नहीं है तो वित्तीय संसाधन। पूंजी, पैसे और धन की कमी से जैसे अपार संभावना वाला उद्यमी छटपटाता है, निराश होता है और वित्तीय संस्थाओं से गुहार लगाता है उसी तरह मुख्यमंत्री ने अपना दर्द बयां किया।
मंगलवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी सबसे बड़ी दिक्कत है कि मेरे पास संसाधन (वित्तीय) नहीं है। इसी वजह से उत्तराखंड में बागवानी, कृषि, शिल्प, पशुपालन व छोटे उद्यम की अपार संभावनाएं होने पर भी बहुत कुछ हो नहीं पा रहा है। बेहद भावुक अंदाज में उन्होंने कहा कि मैं चाहकर भी शिल्पकारों के लिए कुछ नहीं कर पा रहा हूं।
यही बात ग्रामीण क्षेत्रों के दुग्ध, खाद्य प्रसंस्करण सूक्ष्म उद्यमियों और किसानों पर भी लागू होती है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड के सहयोग से उत्तराखंड के पिछड़ेपन, गरीबी, पलायन, बेरोजगारी को दूर किया जा सकता है।
उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए काम करेगा नाबार्ड
प्रदेश की तरक्की के लिए नाबार्ड अगले पांच से सात सालों का प्लान तैयार करे। प्रदेश की जरूरतों के मुताबिक व्यवस्थित ऋण योजना बनाई जाए। उन्होंने नाबार्ड के अधिकारियों से आह्वान किया कि वे स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के लोगों को उद्यमी बनाने, उनकी दक्षता बढ़ाने और संपदावान बनाने में सहयोग करने का आश्वासन दें। इसमें उन्होंने निसबड और भारतीय रिजर्व बैंक से भी ठोस सहयोग की अपेक्षा की।
नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डीएन मगर ने कहा कि हम उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए काम करेंगे। सीजीएम ने उत्तराखंड के लिए कार्ययोजना के बारे में विस्तार से बताया। भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक सुब्रत दास ने कहा कि उत्तराखंड विशिष्ट राज्य है। इसके लिए खास नीति बनानी होगी।
अपर सचिव वित्त श्रीधर बाबू अदाबी, राज्य बैंकर्स समिति के समन्वयक दिवाकर, आरबीआई वरिष्ठ अधिकारी ज्योत्सना, नाबार्ड महाप्रबंधक एसएन चालिया ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन डॉ. सुनील पांडे ने किया।
विभिन्न संस्थाओं, विभागों का हुआ सम्मान
नाबार्ड के स्थापना दिवस पर बद्रीनाथ स्वयं सहायता समूह, प्रगतिशील स्वयं सहायता समूह, सहकारी संगठन निधि व सेवा को पुरस्कृत किया गया। कृषक क्लबों में कम्तोली किसान क्लब व शंभू किसान क्लब ने ईनाम पाया।
सहयोगी विभागों में लोक निर्माण विभाग के एसई शूरवीर सिंह तोमर व सिंचाई विभाग चीफ इंजीनियर डीके पचौरी को पुरस्कृत किया गया। इसी तरह बैंक लिंकेज व एसएचजी को ऋण प्रदान करने में केनरा बैंक, पीएनबी, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, उत्तरकाशी जिला सहकारी बैंक, अल्मोड़ा जिला सहकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, नैनीताल जिला सहकारी बैंक, ऊधमसिंह नगर जिला सहकारी बैंक के प्रतिनिधियों को पुरस्कार दिया गया।