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उत्तराखंडः जोशीमठ में बादल फटा, दो दुकाने ध्वस्त, अफरा-तफरी
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 21 Aug 2017 10:39 PM IST
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नीती घाटी के तमक गांव के समीप गदेरे में बादल फटने से काश्तकारों की कई हेक्टेयर कृषि भूमि बह गई है और दो दुकानों में मलबा घुस गया है। गदेरे के बहाव में जोशीमठ-मलारी हाईवे का करीब चालीस मीटर हिस्सा भी बह गया है।
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हालांकि बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने यहां मिट्टी और पत्थरों का भरान कर हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु कर लिया है। जोशीमठ के एसडीएम योगेंद्र सिंह ने तमक गांव का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने गदेरे के समीप के दो भवन स्वामियों को भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों में जाने की अपील की और उन्हें तिरपाल वितरित किए।
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बीते रविवार को भारी बारिश के दौरान तमक गदेरे में बादल फटने से अचानक भारी मात्रा में मलबा मलारी हाईवे से होते हुए ग्रामीणों के खेतों तक पहुंच गया। हाईवे के समीप ही स्थित दो दुकानें भी मलबे की चपेट में आ गई। क्षेत्र में संचार सेवा न होने से प्रशासन को भी घटना की जानकारी नहीं मिल पाई। आपदा कंट्रोल रुम में भी मामले की कोई शिकायत ग्रामीणों की ओर से नहीं की गई।
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सोमवार को सुबह नौ बजे क्षेत्र से जोशीमठ पहुंचे ग्रामीणों ने आपदा कंट्रोल रुम को घटना की जानकारी दी। जिस पर जोशीमठ एसडीएम योगेंद्र सिंह ने प्रभावित गांव का दौरा किया। एसडीएम ने बताया कि गदेरे में बादल फटने से गांव को कोई नुकसान नहीं हुआ है। दो दुकानों में मलबा घुसा है। क्षति का आंकलन किया जा रहा है। मलारी हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु हो गया है।