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चतुर्थ श्रेणी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने की गेट मीटिंग शुरू
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पदोन्नति, वेतनवृद्धि समेत विभिन्न मांगों को लेकर लगभग 16 दिन से चरणबद्ध आंदोलन कर रहे चतुर्थ श्रेणी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सोमवार से गेट मीटिंग शुरू कर दी। प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत जिले में भी विभिन्न अस्पतालों और विभागीय कार्यालयों में स्वास्थ्यकर्मियों ने गेट मीटिंग की। मांगों पर अमल न होने पर कर्मचारियों ने आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी दी है।
चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं उत्तराखंड के पदाधिकारियों ने कहा कि 29 जुलाई को महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा की अध्यक्षता में निदेशक, सहायक निदेशक और प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों के बीच समझौता हुआ था। आज तक न तो उस समझौते का कार्यवृत्त ही मिला और न ही पदोन्नति और उद्यान विभाग की भांति माली को टेक्नीकल किए जाने की फाइल शासन पहुंची है। जिसके लिए अब उग्र आंदोलन होगा। प्रदेश स्तर पर सोमवार से 21 अगस्त तक गेट मीटिंग के माध्यम से जनजागरण और स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेडा, महामंत्री सुनील अधिकारी, उपाध्यक्ष नेलसन अरोड़ा, प्रवक्ता शिवनारायण सिंह, कोषाध्यक्ष राकेश चंद्र ने कहा कि महानिदेशालय, आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को पदोन्नति, टेक्नीकल करते हुए अगला ग्रेड वेतन 4200 दिया जाना, आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कर्मचारियों का एसीपी नहीं लगना, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयकों का भुगतान न होना बड़ी समस्या है।
उपशाखा अध्यक्ष क्षेत्रपाल सिंह, जिला मंत्री राकेश भंवर, प्रदेश ऑडिटर महेश कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक धवन, गुरुप्रसाद गोदियाल ने कहा कि महानिदेशालय प्रशासन ने अड़ियल रवैया अपनाया हुआ है। जिससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं उत्तराखंड के पदाधिकारियों ने कहा कि 29 जुलाई को महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा की अध्यक्षता में निदेशक, सहायक निदेशक और प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों के बीच समझौता हुआ था। आज तक न तो उस समझौते का कार्यवृत्त ही मिला और न ही पदोन्नति और उद्यान विभाग की भांति माली को टेक्नीकल किए जाने की फाइल शासन पहुंची है। जिसके लिए अब उग्र आंदोलन होगा। प्रदेश स्तर पर सोमवार से 21 अगस्त तक गेट मीटिंग के माध्यम से जनजागरण और स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेडा, महामंत्री सुनील अधिकारी, उपाध्यक्ष नेलसन अरोड़ा, प्रवक्ता शिवनारायण सिंह, कोषाध्यक्ष राकेश चंद्र ने कहा कि महानिदेशालय, आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को पदोन्नति, टेक्नीकल करते हुए अगला ग्रेड वेतन 4200 दिया जाना, आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कर्मचारियों का एसीपी नहीं लगना, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयकों का भुगतान न होना बड़ी समस्या है।
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उपशाखा अध्यक्ष क्षेत्रपाल सिंह, जिला मंत्री राकेश भंवर, प्रदेश ऑडिटर महेश कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक धवन, गुरुप्रसाद गोदियाल ने कहा कि महानिदेशालय प्रशासन ने अड़ियल रवैया अपनाया हुआ है। जिससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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