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12वीं तक के बच्चे बिना डीएल, बिना हेलमेट के गाड़ियों के साथ आए स्कूल तो चार पहिया, दोपहिया गाड़ियां होंगी सीज
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राजधानी की सड़कों पर आए दिन स्कूली छात्रों के साथ होने वाले सड़क हादसों को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रवैया अख्तियार करते हुए बिना हेलमेट और ड्राइविंग लाइसेंस के दोपहिया और चार पहिया वाहन से स्कूल आने पर सीज करने की चेतावनी दी है। इस बाबत विभाग ने एक सर्कुलर स्कूल प्रधानाचार्य और बच्चों के अभिभावकों को भेजकर नाबालिगों को दो और चार पहिया वाहन से स्कूल न भेजने की ताकीद की है।
परिवहन विभाग की ओर से प्रधानाचार्यों से सर्कुलर को अभिभावकों को मुहैया कराने का प्रमाणपत्र भी लिया जा रहा। आरटीओ (प्रवर्तन) सुनील शर्मा ने बताया कि राजधानी के ज्यादातर स्कूलों में हजारों की संख्या में ऐसे बच्चे गाड़ियों के साथ स्कूल आ रहे, जिनके पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही हेलमेट। छात्र-छात्राओं के साथ हादसों की संभावना बनी रहती है। बताया कि स्कूली बच्चे बिना डीएल और हेलमेट के गाड़ियां न चलाएं, इसको लेकर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। पहले चरण में स्कूलों के माध्यम से बच्चों के अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है।
बताया कि दूसरे चरण में राजधानी के अलावा ऋषिकेश, हरिद्वार, रुड़की आदि में स्कूलों के आसपास जांच अभियान चलाया जाएगा। बताया कि जांच के दौरान जो भी छात्र बिना ड्राइविंग लाइसेंस व हेलमेट के गाड़ियों के साथ पकड़े गए, तो उनके वाहनों को सीज कर चालान किया जाएगा। बताया कि नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत यदि नाबालिग बगैर डीएल के गाड़ी चलाता पकड़ा जाता है, तो उसके अभिभावक पर 25 हजार का जुर्माना और तीन माह की जेल भी हो सकती है। कहा कि ऐसे नाबालिग जिनके पास डीएल हैं, वह बिना गियर वाली गाड़ियां चला सकते हैं।
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परिवहन विभाग की ओर से प्रधानाचार्यों से सर्कुलर को अभिभावकों को मुहैया कराने का प्रमाणपत्र भी लिया जा रहा। आरटीओ (प्रवर्तन) सुनील शर्मा ने बताया कि राजधानी के ज्यादातर स्कूलों में हजारों की संख्या में ऐसे बच्चे गाड़ियों के साथ स्कूल आ रहे, जिनके पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही हेलमेट। छात्र-छात्राओं के साथ हादसों की संभावना बनी रहती है। बताया कि स्कूली बच्चे बिना डीएल और हेलमेट के गाड़ियां न चलाएं, इसको लेकर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। पहले चरण में स्कूलों के माध्यम से बच्चों के अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है।
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बताया कि दूसरे चरण में राजधानी के अलावा ऋषिकेश, हरिद्वार, रुड़की आदि में स्कूलों के आसपास जांच अभियान चलाया जाएगा। बताया कि जांच के दौरान जो भी छात्र बिना ड्राइविंग लाइसेंस व हेलमेट के गाड़ियों के साथ पकड़े गए, तो उनके वाहनों को सीज कर चालान किया जाएगा। बताया कि नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत यदि नाबालिग बगैर डीएल के गाड़ी चलाता पकड़ा जाता है, तो उसके अभिभावक पर 25 हजार का जुर्माना और तीन माह की जेल भी हो सकती है। कहा कि ऐसे नाबालिग जिनके पास डीएल हैं, वह बिना गियर वाली गाड़ियां चला सकते हैं।
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