जाते-जाते एक ऐसी बात बोल गए अमित शाह, जिससे कांग्रेस को लग सकता है बड़ा झटका
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अमित शाह ने उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन जाते-जाते एक ऐसी बात बोल दी जिससे कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस अभी तक जैसा सोच रही थी अमित शाह ने अपने एक बयान से उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
तमाम आशंकाओं और चर्चाओं पर विराम लगाते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटाए जाने की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया है।
दो दिनी प्रवास के दौरान बुधवार को पत्रकारों से उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी राज्य के विकास के लिए राजनीतिक स्थिरता बेहद अहम पहलू है। उत्तराखंड में मुख्यमंत्रियों को बदलने जैसा क्रम अब नहीं चलेगा। उन्होंने यह भी संकेत दे दिया कि एनएच-74 घोटाले की जांच सीबीआई नहीं करेगी।
पत्रकारों ने शाह से पार्टी में गुटबाजी, अंतर्कलह और नेतृत्व परिवर्तन के बाबत सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने भाजपा को तीन चौथाई बहुमत इसलिए नहीं दिया है कि राज्य में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल रहे।
टीएसआर (त्रिवेंद्र सिंह रावत) सरकार में भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगा है और पारदर्शी शासन स्थापित हुआ है। ऐसे में परिवर्तन की संभावना नहीं है। शाह का यह बयान त्रिवेंद्र विरोधी खेमे के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। गौरतलब है कि लगातार इस प्रकार की चर्चाओं को हवा दी जा रही थी कि त्रिवेंद्र रावत की परफॉर्मेंस ठीक नहीं है।
सारे काम अटके हैं और मुख्यमंत्री निर्णय लेने में बेहद सुस्त हैं। इसलिए मुख्यमंत्री को अगले साल तक बदला जा सकता है। इस पर शाह ने स्पष्ट कर दिया कि कोई भी व्यक्ति गलतफहमी में न रहे। त्रिवेंद्र रावत के नेतृत्व में बेहतर कार्य हो रहा है। हालांकि, अभी मात्र छह महीने ही हुए हैं। इतने कम समय में सरकार के कामकाज की समीक्षा न हो तो बेहतर है।
‘अच्छे दिन आएंगे’ जैसे जुमले से सरकार में आई नरेंद्र मोदी सरकार के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह से जब पूछा गया कि केंद्र सरकार को तीन साल का वक्त हो चुका है। क्या अच्छे दिन आ गए हैं या फिर अभी आने बाकी हैं? इस पर शाह ने केंद्र सरकार की ओर से लाई गईं जनधन, बीमा, वन रैंक वन पेंशन, मुद्रा बैंक, नोटबंदी, जीएसटी आदि योजनाओं का बखान करते हुए कहा कि यह अच्छे दिन नहीं हैं तो क्या हैं।
उन्होंने जनहित की योजनाओं को लेकर पूर्ववर्ती सरकार से भी मौजूदा सरकार की तुलना भी की और कहा कि यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। जीएसटी आने के बाद व्यापारी वर्ग जिसमें खासकर मध्यम दर्जे के व्यापारियों की नाराजगी के बाबत पूछने पर शाह ने कहा कि जीएसटी को लेकर जो भी दिक्कतें पेश आ रही हैं, उन्हें जीएसटी काउंसिल में भेजा जा रहा है। कोशिश की जा रही है कि हर दिक्कत का जल्द से जल्द निदान हो सके।
आतंकी गतिविधियों पर लगा प्रभावी अंकुश
मंत्रिमंडल विस्तार और दायित्वों के बंटवारे को लेकर भी शाह ने दो टूक कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर पर होना है। एनएच-74 घोटाले की सीबीआई जांच को लेकर पूछे एक सवाल पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि घपले की निष्पक्ष जांच राज्य स्तर से हो रही है। मकसद असल दोषियों को सामने लाने का है फिर चाहें वो काम एसआईटी करे या सीबीआई।
राहुल गांधी के ताजा बयान पर प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की गई तो शाह ने कहा कि मैं राहुल के बयानों पर कभी जवाब नहीं देता। इसके अतिरिक्त गैरसैंण समेत कई अनिर्णीत मामलों पर उन्होंने राज्य सरकार को तेजी से इनका निपटारा करने के लिए कहा।
कर्ज के बोझ तले दबे किसानों की आत्महत्या को लेकर पूछे एक सवाल पर उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने समेत उनके हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम न होने को लेकर शाह ने कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने जल्द ही इसे लेकर सकारात्मक परिणाम के संकेत भी दिए।
अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में धारा-370 को लेकर सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है, जो भी होगा वह राष्ट्रहित में ही होगा। जम्मू-काश्मीर में आतंकी गतिविधियों को लेकर उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों में जितने आतंकी मारे गए, वैसा पूर्व में देखने को नहीं मिला है। शाह ने हाल ही में अलगाववादियों के विरुद्ध एनआईए की सख्त कार्रवाई की बानगी देते हुए आतंकी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगने की बात कही। यह भी कहा कि पूरा विश्व समुदाय भारत के साथ है। यह संदेश भी पूरे विश्व में स्पष्ट है कि अमेरिका के बाद भारत ही ऐसा देश है, जो अपनी रक्षा के लिए जोरदार प्रतिक्रिया देने में सक्षम है।