{"_id":"5e5a3ab68ebc3ec54b2cf623","slug":"chief-justice-of-high-court-narrowly-save-from-falling-into-ganga-at-devprayag-sangam","type":"story","status":"publish","title_hn":"देवप्रयाग: संगम पर गंगा में गिरने से बाल-बाल बचे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देवप्रयाग: संगम पर गंगा में गिरने से बाल-बाल बचे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
Sat, 29 Feb 2020 08:54 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवप्रयाग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवप्रयाग
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 29 Feb 2020 08:54 PM IST
सार
- संगम स्थल पर पूजा-अर्चना के दौरान अचानक फिसला पैर
- साथ चल रहे सीओ ने गिरने से बचाया, बड़ा हादसा टला
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन का पांव अचानक फिसल गया
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तीर्थनगरी के संगम स्थल पर गंगा पूजन के लिए पहुंचे उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पैर अचानक फिसल गया। साथ में चल रहे सीओ ने उन्हें तुरंत पकड़ लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
विज्ञापन
#WATCH Uttarakhand: Ramesh Ranganathan, Chief Justice of Uttarakhand High Court had a narrow escape after he slipped while offering prayers at Sangam in Devprayag, earlier today. pic.twitter.com/lzRh5dH8aD
— ANI (@ANI) February 29, 2020
विज्ञापन
शनिवार को मुख्य न्यायाधीश आर रंगनाथन अपनी पत्नी के साथ देवप्रयाग तीर्थ दर्शन को पहुंचे थे। दक्षिण भारत में भगवान रघुनाथ की विशेष महत्ता के चलते उन्होंने श्रीरघुनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करते हुए मुख्य पुजारी सोमनाथ भट्ट से आदिगुरु शंकराचार्य और मंदिर के बारे में जानकारी ली। उसके बाद उन्होंने संगम स्थल पर गंगा पूजन दर्शन की इच्छा जताई।
विज्ञापन
संगम स्थल पर पूजा के लिए वह गंगा नदी की ओर बढ़े, तो अचानक उनका पैर फिसल गया। तभी साथ चल रहे सीओ नरेंद्रनगर प्रमोद शाह ने उन्हें आगे बढ़कर पकड़ लिया, जिससे वे गंगा की तेज धारा की चपेट में आने से बच गए और बड़ा हादसा टल गया। इस पर साथ चल रहे प्रशासन और पुलिस ने राहत की सांस ली। पूजा-अर्चना के बाद वे अपने गंतव्य को लौट गए हैं।
पुजारी ने बताया कि दक्षिण भारत में देवप्रयाग को कंडवेंनुकडीनगरम के नाम से जाता है, जबकि भगवान रघुनाथ को नीलमपेरूमल पुण्डरीक वल्ली के रूप में पूजा जाता है। इसी मान्यता के आधार पर दक्षिण भारत निवासी मुख्य न्यायाधीश आर रंगनाथन पत्नी संग यहां पूजा अर्चना को पहुंचे थे। यहां पुरोहित विपुल सवासेरिया ने उनसे पूजा संपन्न करवाई।