केंद्रीय पंचायत राज मंत्री को नहीं मालूम कि उत्तराखंड में है 'किसकी सरकार', कर बैठे ये बड़ी गलती
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डबल इंजन की सरकार के जमाने में केंद्र और राज्य के बीच किस तरह का तालमेल है, इसका अजब-गजब उदाहरण सामने आया है। केंद्रीय पंचायत राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को ये नहीं मालूम कि उत्तराखंड में किसकी सरकार है। जी हां, उनके भेजे गए पत्र से तो यही लगता है।
पंचायती राज मंत्री अब प्रीतम सिंह नहीं, बल्कि उनकी पार्टी के अरविंद पांडेय है। केंद्रीय मंत्री तोमर ने स्वच्छता अभियान से संबंधित एक पत्र प्रीतम सिंह को पंचायती राज मंत्री की हैसियत से भेजा है।
यह पत्र 18 सितंबर 2017 को भेजा गया है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्तर पर दो अक्तूबर 2014 को शुरू किए गए सफाई अभियान से बात शुरू की गई है। बताया गया है कि एक अक्तूबर से 15 अक्तूबर 2017 तक ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार ग्राम समृद्धि एवं स्वच्छता पखवाड़ा आयोजित कर रहा है।
इस कार्यक्रम में उत्तराखंड की अपेक्षित भूमिका की चर्चा करते हुए मंत्री ने ग्राम समृद्धि और स्वच्छता में योगदान मांगा है। यह पत्र बाकायदा केंद्रीय पंचायत राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के लेटर हेड पर भेजा गया है और इसे मंत्री के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।
विजय बहुगुणा और हरीश रावत सरकार के जमाने में उत्तराखंड में पंचायती राज विभाग प्रीतम सिंह के ही पास था। त्रिवेंद्र सरकार में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय को पंचायती राज विभाग का जिम्मा भी सौंपा गया है।