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सभी बड़े मंदिरों तक बढ़ेगा प्रसाद केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई प्रसाद योजना का दायरा  

Tue, 21 May 2019 12:13 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 21 May 2019 12:13 PM IST
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Central Government Prasad scheme will apply on all the big temples
फाइल फोटो

केेंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई प्रसाद योजना के तहत बदरीनाथ धाम, केदारनाथ धाम व वैष्णो देवी के बाद अब देश के अन्य बडे़ मंदिरों में भी प्रसाद कार्यक्रम के तहत स्थानीय उत्पादों से बने शुद्ध पौष्टिक प्रसादों की आपूर्ति की जाएगी। इससे न सिर्फ स्थानीय लोगों खासकर महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, वरन चौलाई, मक्का जैसे उत्पादों की मांग बढ़ने से खेतीबाड़ी को भी बढ़ाया मिलेगा। केेंद्र सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव डॉ. रेनू स्वरूप ने सोमवार को हैस्को में आयोजित कार्यक्रम में इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू किए जाने शुरुआत की। 

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इस मौके पर सचिव डॉ. रेनू स्वरूप ने कहा कि प्रसाद रोजगार कार्यक्रम जैव प्रौद्योगिकी केंद्र सरकार की ओर से साल 2004 में 15 स्थानों में शुरू किया गया और अब इसे 10 राज्यों में लागू किया गया है। इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू किए जाने से स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ने से प्रसादों को बनाने में इस्तेमाल होने वाले कृषि उत्पादों की मांग बढ़ेगी। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के बेहतर अवसर मुहैया होंगे। प्रसाद कार्यक्रम को तेजी से लागू कराने को लेकर केंद्र व राज्य सरकारों के अधिकारियाें के साथ ही जल्द बैठक की जाएगी। साथ ही इसे उद्योग से जोड़ने को लेकर लघु एवं सूक्ष्म उद्योग मंत्रालय के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
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‘रूरल बायो रिसोर्स इंटरप्रेन्योरशिप नेटवर्क’

सचिव डॉ. रेनू स्वरूप ने कहा कि हैस्को के साथ मिलकर ‘रूरल बायो रिसोर्स इंटरप्रेन्योरशिप नेटवर्क’ खड़ा किया जाएगा। इसमें तीन हिस्से होंगे जिसमें महिलाएं, पुरुषों व बच्चों को जोड़ने के लिए सम्मिलित रूप से एक नेटवर्क के रूप में कार्य किया जाएगा। डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि हिमालय संसाधनों की दृष्टि से सबसे धनी है पर उससे लाभ लेने में सबसे पीछे है। रोजगार को संसाधन से जोड़कर पलायन रोका जा सकता है। ऐसे प्रयोग हैस्को कर चुका है और प्रयासरत है।

इससे पूर्व डॉ. रेनू स्वरूप और सलाहकार डॉ. मीनाक्षी मुंशी ने हैस्को की ओर से चलाए जा रहे विभिन्न जैव प्रौद्योगिकी कार्यक्रमों एवं किसान बायोटेक का भी अवलोकन किया। उन्होंने हैस्को की विभिन्न तकनीकी उन्नत घराट, बायो गैस, लो कॉस्ट वाटर फिल्टर, रूरल गीजर, पायरोलाइजर, वर्मी कंपोस्ट, बायो फर्टीलाइजर, सोलर ड्रायर, दक्ष चूल्हा, रूट प्रोसेसिंग, मशरूम कल्टीवेशन, कारीगर कार्यशाला और किसान बैंक का भी अवलोकन किया और जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड से आए किसानों व प्रसाद योजना से जुड़े लोगों से बातचीत की।

कार्यक्रम में चकराता क्षेत्र से, अल्मोड़ा, चमोली, रुद्रप्रयाग उत्तरकाशी और आसपास के ग्रामीणों ने पारंपरिक परिधान में सचिव डॉ. रेनू स्वरूप और डॉ. मीनाक्षी मुंशी का स्वागत किया। इस अवसर पर यूसर्क के निदेशक डॉ. दुर्गेश पंत, डॉ. मंजू सुंदरियाल, डॉ. सैस बिस्वास, जम्मू के डॉ. आरके खजूरिया, ईश्वर जोशी व हैस्को के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. राकेश कुमार, डॉ. किरन नेगी, डॉ. हिमानी पुरोहित, डॉ. सुभाष नौटियाल, डॉ. दीप्ति पांडे, विनोद खाती आदि उपस्थित थे।

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