उत्तराखंड के नौ जिलों में PM मोदी की अहम योजना पर रोक
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केंद्र सरकार की अहम योजना उज्ज्वला पर उत्तराखंड के नौ जिलों में फिलहाल रोक लगा दी गई है। इस संबंध में तेल कंपनियों ने एजेंसी संचालकों को पत्र भेजकर लोगों को उज्ज्वला के तहत गैस कनेक्शन नहीं देने का निर्देश दिया है। हालांकि, केंद्र सरकार ने प्रदेश के शेष चार जिलों को प्राथमिकता पर रखकर योजना को जारी रखा है। वहीं, योजना बंद होने से एजेंसी संचालकों के साथ ही गरीब परिवारों को तगड़ा झटका लगा है।
भारत सरकार ने अचानक ऐसा सख्त कदम क्यों उठाया, इसके पीछे की कहानी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। हालांकि, सूत्रों से पता चला है कि सरकार ने बहुत पहले राज्य सरकार को पत्र भेजकर डीबीटीके (डायरेक्ट बेनफिट ट्रांसफर केरोसिन) प्रक्रिया शुरू करने को कहा था। लेकिन राज्य सरकार ने अब तक इसकी शुरुआत नहीं की है।
इसी वजह से केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के नौ राज्यों में उज्ज्वला योजना पर रोक लगा दी है। डीबीटीके की प्रक्रिया शुरू हो जाती है तो इन जिलों में फिर से गरीबों को उज्ज्वला योजना का लाभ मिलने लगेगा।
दो महीने पहले ही हुई थी उत्तराखंड में शुरुआत
बता दें कि केंद्र की उज्ज्वला योजना के माध्यम से जिस गरीब परिवार में गैस कनेक्शन नहीं है उन्हें मुफ्त गैस कनेक्शन दिया जा रहा है। प्रदेश में योजना का शुभारंभ केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दो माह पूर्व श्रीनगर से किया था।
तब से इस योजना का लाभ प्रदेश के गरीब परिवार को मिल रहा था। लेकिन अचानक से केंद्र सरकार ने प्रदेश के नौ जिलों में योजना को ऑन होल्ड कर दिया। उज्ज्वला का लाभ वर्तमान में उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले के गरीब परिवारों को मिल रहा है।
इन जिलों में उज्ज्वला होल्ड
चमोली, चंपावत, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और ऊधमसिंह नगर
मंत्रालय के आदेश पर नौ जिलों में उज्ज्वला योजना पर रोक लगाई गई है। उत्तराखंड में एलपीजी कवरेज नेशनल एवरेज से ज्यादा है। लिहाजा मंत्रालय ने यहां इस योजना को बंद किया है। अगर मंत्रालय से कुछ आदेश आता है तो दोबारा योजना को चालू किया जाएगा।
-एसके सिन्हा, आईओसी एरिया मैनेजर