कैसर पीड़ितों के लिए खुशखबरी, अब आसानी से होगा इलाज
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कैंसर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए अब दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ या अन्य प्रदेशों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट के तहत जल्द ही ऋषिकेश के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में कैंसर इलाज के लिए लीनियर एक्सीलेटर मशीन लगने जा रही है। 15 करोड़ की लागत से खरीदी जा रही इस मशीन से कैंसर मरीजों को सस्ता और बेहतर इलाज की सुविधा मिल पाएगी।
लीनियर एक्सीलेटर मशीन से कैंसर की छोटी से लेकर बड़ी बीमारी को जल्द ठीक किया जा सकेगा। एम्स कैंसर विभाग के हेड डा. राजेश पसरीचा के मुताबिक एम्स में कैंसर का इलाज कीमोथैरेपी से किया जाता था। उत्तराखंड के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश व हिमाचल प्रदेश के सरकारी मेडिकल संस्थानों में भी लीनियर एक्सीलेटर मशीन से इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं है। गिने चुने निजी अस्पतालों में ही इस मशीन से इलाज किया जाता है।
कैंसर मरीज बीच में ही इलाज छोड़ देते हैं...
एम्स के कैंसर रेडिएशन सेफ्टी ऑफिसर गणेश पटेल ने बताया कि देश के बहुत से अस्पतालों में कैंसर का इलाज टेली कोबाल्ट मशीन से किया जाता है। इस मशीन के जरिए उपचार से कैंसर पीड़ित मरीज को असहनीय पीड़ा का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण कई कैंसर मरीज बीच में ही इलाज छोड़ देते हैं।
आधुनिक लीनियर एक्सीलेटर मशीन से कैंसर पीड़ित मरीज को कम दर्द सहन करना पड़ता है। इस मशीन की तकनीकी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कैंसर रोगी का इलाज करते समय डॉक्टर और अन्य अस्पताल स्टाफ को मशीन से निकलने वाली खतरनाक किरणों से नुकसान नहीं पहुंचता।
लीनियर एक्सीलेटर मशीन में कैंसर के इलाज के लिए मेगा वोल्टेज एक्स-रे सहकिरणों का इस्तेमाल किया जाता है। मशीन के जरिए जटिल से जटिल कैंसर का इलाज संभव है। अगस्त माह से एम्स में कैंसर के इलाज के लिए लीनियर एक्सीलेटर मशीन से उपचार विधिवत शुरू हो जाएगा। मशीन लगाने के लिए बंकर तैयार हो चुके हैं।
यह हैं लीनियर एक्सीलेटर मशीन के फायदे :
- मशीन से कैंसर मरीज को कम दर्द सह़न करना पड़ता है।
- ईलाज के दौरान केवल कैंसर प्रभावित अंग की कोशिकाओं को जलाया जाता है।
- मशीन से निकलने वाली मेगा वोल्टेज एक्स-रे सहकिरणों से कम नुकसान होता है।
- सरकारी दर पर कैंसर की अन्य सिकाई मशीनों से बेहतर इलाज।
- मशीन से ब्रेन ट्यूमर का इलाज भी संभव।
- कैंसर प्रभावित अंग (कोशिकाओं) के अलावा अन्य अंगों की सुरक्षा।