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संकुचित सोच का दायरा तोड़ने से ही मिलेगी सफलता- विंग कमांडर
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दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट को फतह करने वाले विंग कमांडर विक्रांत उनियाल ने कहा कि अगर सफलता हासिल करनी है, तो संकुचित सोच का दायरा तोड़ना होगा। जब हम विषम परिस्थितियां में होते हैं, तो उस समय में हमारे अंदर कुछ करने की चाहत हमें उन परिस्थितियों से बाहर निकाल देती है।
बृहस्पतिवार को विंग कमांडर का तीन स्थानों पर स्वागत किया गया। दून विवि में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि 21 मई को उन्होंने एवरेस्ट को अपने पहले ही प्रयास में फतह किया। यह पूरा अभियान जोखिम भरा था। राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि समाज को बदलने के लिए ऐसे लोगों की जरूरत होती है जो अपने लक्ष्य के प्रति लगनशील होते हैं। विवि की कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल ने कहा कि विंग कमांडर द्वारा प्रथम प्रयास में एवरेस्ट की चोटी को फतह करना गौरव का क्षण है।
उत्तराखंड के जनकवि अतुल शर्मा ने स्वरचित रचना के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर डॉ. राजेश भट्ट, डॉ. सविता कर्नाटक, यशवी, दीपक कुमार, आयुषी, विज्ञानी, महक, स्वस्तिका, श्रेया मेहता, विपाशा और श्रेया भट्ट आदि मौजूद थे। उधर, विक्रांत उनियाल का सेंट जोसेफ स्कूल में प्रधानाचार्य जयशीलन और उपप्रधानाचार्य ब्रदर आस्टीनश समेत तमाम शिक्षकों ने स्वागत किया। कार्यक्रम में सेंट जोसेफ एलुमिनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण चंदोक आदि भी मौजूद थे। उधर, उनियाल ने दरबार साहिब में माथा टेका और महंत देवेंद्र दास महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। विंग कमांडर श्रीगुरु राम राय विवि से मैनेजमेंट में पीएचडी करेंगे। मा.सि.रि.
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बृहस्पतिवार को विंग कमांडर का तीन स्थानों पर स्वागत किया गया। दून विवि में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि 21 मई को उन्होंने एवरेस्ट को अपने पहले ही प्रयास में फतह किया। यह पूरा अभियान जोखिम भरा था। राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि समाज को बदलने के लिए ऐसे लोगों की जरूरत होती है जो अपने लक्ष्य के प्रति लगनशील होते हैं। विवि की कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल ने कहा कि विंग कमांडर द्वारा प्रथम प्रयास में एवरेस्ट की चोटी को फतह करना गौरव का क्षण है।
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उत्तराखंड के जनकवि अतुल शर्मा ने स्वरचित रचना के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर डॉ. राजेश भट्ट, डॉ. सविता कर्नाटक, यशवी, दीपक कुमार, आयुषी, विज्ञानी, महक, स्वस्तिका, श्रेया मेहता, विपाशा और श्रेया भट्ट आदि मौजूद थे। उधर, विक्रांत उनियाल का सेंट जोसेफ स्कूल में प्रधानाचार्य जयशीलन और उपप्रधानाचार्य ब्रदर आस्टीनश समेत तमाम शिक्षकों ने स्वागत किया। कार्यक्रम में सेंट जोसेफ एलुमिनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण चंदोक आदि भी मौजूद थे। उधर, उनियाल ने दरबार साहिब में माथा टेका और महंत देवेंद्र दास महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। विंग कमांडर श्रीगुरु राम राय विवि से मैनेजमेंट में पीएचडी करेंगे। मा.सि.रि.
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