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बैंक का 30.50 करोड़ रुपये दबाए बैठे 41 बड़े बकायेदारों की जब्त होगी संपत्ति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 31 Jul 2018 09:43 AM IST
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- फोटो : Today City
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41 बड़े बकायेदारों की संपत्ति जब्त की जाएगी। इन बकायेदारों से बैंक को 30.50 करोड़ वसूलना है। उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक ने करोड़ों का ऋण लेकर राशि दबाने वाले 41 बड़े बकायेदारों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी शुरू की है।
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बैंक प्रबंधन ने आरबीआई के सरफेसी एक्ट के तहत बकायेदारों को तीन नोटिस जारी कर बकाया राशि जमा करने के लिए 60 दिन का समय दिया था। जिसकी अवधि पूरी हो गई है। अब मजिस्ट्रेट की स्वीकृत के बाद अंतिम नोटिस देकर संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी। इन बकायेदारों से बैंक को 30.50 करोड़ की बकाया वसूलना है।
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हरिद्वार बाईपास रोड स्थित उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक कार्यालय में प्रेसवार्ता में राज्य सहकारी बैंक अध्यक्ष दान सिंह रावत व प्रबंध निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि बैंक की ओर से बकाया ऋण वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। एनपीए (नॉन परफॉरमिंग असेट) के लिए आरबीआई ने सरफेसी एक्ट बनाया है। राज्य सहकारी बैंक की बोर्ड बैठक में इस एक्ट का बकाया राशि वसूल करने के लिए अपनाने का फैसला लिया है।
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20 लाख से अधिक बकाया ऋण राशि के 41 बकायेदारों को बैंक की ओर से तीन नोटिस जारी किए गए हैं। इसके बावजूद भी बकाया राशि जमा नहीं कराई गई है। अब इन बकायेदारों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू की जा रही है।
भूमि विकास बैंक से मिले 8196 कर्जदार
धन निवेश
इसके अलावा 669 ऐसे बकायेदार हैं। जिनसे 86 करोड़ 69 लाख रुपये बकाया राशि वसूली की जानी है। इसमें 6.77 करोड़ का ब्याज शामिल है। मार्च 2017 तक सहकारी बैंक का एनपीए 34 करोड़ था। जो कुल ऋण का 2.20 प्रतिशत था। जबकि वर्ष 2017-18 में एनपीए बढ़ कर 86 करोड़ तक पहुंच गया। यह कुल ऋण का 4.80 प्रतिशत है। अप्रैल 2018 से लेकर अब तक 133 बकायेदरों से 4.6 करोड़ की बकाया राशि वसूली गई।
राज्य बनने से पहले उत्तर प्रदेश के समय भूमि विकास बैंक के माध्यम से किसानों को सस्ते ब्याज दर पर छोटी ऋण राशि दी जाती थी। राज्य गठन के बाद भूमि विकास बैंक का उत्तराखंड सहकारी बैंक में विलय हो गया। ऐसे में 8196 बकायेदार भी सहकारी बैंक को मिले। इन बकायेदारों से 15 करोड़ 39 लाख की ऋण राशि वसूली की जानी है। बकायेदारों में छोटे-छोटे किसान ज्यादा है।
छोटे बकायेदार किसानों के समाधान योजना
राज्य सहकारी बैंक ने छोेटे किसानों की बकाया राशि समाप्त करने के लिए समाधान योजना शुरू की है। जिसमें बकायेदार किसान को एक मुश्त ऋण राशि जमा करने पर ब्याज राशि में 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। प्रदेशभर में सहकारी बैंकों से बकायेदार इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
राज्य बनने से पहले उत्तर प्रदेश के समय भूमि विकास बैंक के माध्यम से किसानों को सस्ते ब्याज दर पर छोटी ऋण राशि दी जाती थी। राज्य गठन के बाद भूमि विकास बैंक का उत्तराखंड सहकारी बैंक में विलय हो गया। ऐसे में 8196 बकायेदार भी सहकारी बैंक को मिले। इन बकायेदारों से 15 करोड़ 39 लाख की ऋण राशि वसूली की जानी है। बकायेदारों में छोटे-छोटे किसान ज्यादा है।
छोटे बकायेदार किसानों के समाधान योजना
राज्य सहकारी बैंक ने छोेटे किसानों की बकाया राशि समाप्त करने के लिए समाधान योजना शुरू की है। जिसमें बकायेदार किसान को एक मुश्त ऋण राशि जमा करने पर ब्याज राशि में 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। प्रदेशभर में सहकारी बैंकों से बकायेदार इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।