फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   bjp will not give uttarakhand assembly election command anyone

...तो भाजपा नहीं सौंपेगी किसी को चुनाव संचालन कमान

Wed, 14 Dec 2016 11:35 AM IST
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 14 Dec 2016 11:35 AM IST
विज्ञापन
bjp will not give uttarakhand assembly election command anyone
अजय भट्ट - फोटो : AmarUjala

विधानसभा चुनाव में चेहरों की सियासत से बचती दिखी भाजपा के लिए अब अगली परीक्षा चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष पद की रहेगी। किसी एक दिग्गज को कमान सौंपने से टकराव की गुंजाइश को देखते हुए पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व समिति को भी बिना चेहरे के रख सकती है।

विज्ञापन


जानकारों की माने पार्टी पहले से चल रही चुनाव के लिए गठित समिति में हलका फेरबदल कर उसी को चुनाव संचालन समिति का जिम्मा सौंप सकती है। प्रदेश अध्यक्ष, सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों, सांसदों समेत संगठन के महामंत्रियों के अलावा इक्का दुक्का नाम और हो सकते हैं, जबकि समिति में सभी दिग्गजों को एक प्रोफाइल में रखेगी।
विज्ञापन


प्रदेश में अब तक हुए तीन विधानसभा चुनाव में भाजपा चेहरों के साथ उतरी है, लेकिन इस बार केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश में दिग्गजों की लंबी चौड़ी फौज को देखते हुए किसी भी टकराव का जोखिम नहीं लेना चाहती है। पर्दाफाश रैलियों के बाद परिवर्तन यात्रा से प्रचार को गति दे चुकी भाजपा ने अभी तक किसी एक चेहरे पर भरोसा नहीं जताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व पीएम मोदी के चेहरे को आगे लेकर चलता दिख रहा है। कई राज्यों के विधानसभा चुनाव में पार्टी चेहरे के बिना उतर चुकी है जबकि कुछ में चेहरा भी दिया है। दोनों के ही मिश्रित नतीजे पार्टी को मिले हैं। उत्तराखंड में स्थिति अन्य राज्यों से थोड़ी अलग है।

यहां चार पूर्व मुख्यमंत्री पार्टी में हैं जबकि कुछ युवा तुर्क भी फ्रंट में आने के लिए सियासी गोटियां बिछा रहे हैं। ऐसे में पार्टी अब चुनाव संचालन समिति गठन करने करने के बजाए पहले से चल कोर ग्रुप को आगे बढ़ाएगी। जिसके बाद पार्टी विधानसभाओं से प्रत्याशियों की चयन प्रक्रिया भी शुरू करेगी।

अब तक कोश्यारी खंडूड़ी रहे अहम
पिछले तीनों विधानसभा चुनावों में पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी और बीसी खंडूड़ी की भूमिका अहम रही है। अभी तक पार्टी के प्रचार में किसी चेहरे को आगे नहीं करने के बाद पार्टी भगत सिंह कोश्यारी और बीसी खडूड़ी का इस्तेमाल किस तरह करती है यह देखना होगा। 


यह रही है स्थिति
वर्ष 2002  में चुनाव संचालन समिति पूर्ण चंद शर्मा, जबकि सीएम भगत सिंह कोश्यारी थे।
वर्ष 2007 में  चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष बीसी खंडूड़ी और प्रदेश अध्यक्ष भगत सिंह कोश्यारी थे। 
वर्ष 2012 में  चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष भगत सिंह कोश्यारी और सीएम बीसी खंडूड़ी थे। 

केंद्रीय नेतृत्व में बेहद कुशलता पूर्वक चुनाव प्रचार अभियान चल रहे हैं। एक समिति पहले अस्तित्व में है, उसी में थोड़ा बहुत फेरबदल कर चुनाव संचालन समिति के तौर पर काम कर सकती है।
- अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed