मोदी-शाह से मिलने के बाद किस ‘मिशन सक्सेस’ की बात कर रहे चैंपियन, पार्टी में मची खलबली
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दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात के बाद कुंवर प्रणव चैंपियन ने अपने फेसबुक वॉल में जो टिप्पणी की है, उससे पार्टी में खलबली मच गई है। चैंपियन ने लिखा है-मिशन सक्सेस। इसके बाद, सियासी अटकलबाजी का बाजार गर्म है।
सवाल उठ रहे हैं कि आखिर चैंपियन किस मिशन पर थे, जो सफल हो गया है। क्या चैंपियन को आगे रखकर भाजपा में असंतुष्ट किसी रणनीति पर काम कर रहे हैं या फिर यह चैंपियन के चिर परिचित अंदाज से जुड़ा मामला ही है। इन स्थितियों के बीच, बहस सरकार के कामकाज, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा, दायित्व और जिम्मेदारियों में हो रही देरी से भी जुड़ रही है।
त्रिवेंद्र सरकार पर प्रचंड बहुमत के कारण प्रचंड प्रदर्शन का दबाव है। सुशासन और पारदर्शिता के इस दबाव के बीच सरकार चाहे जैसा काम रही हो, लेकिन भाजपा के भीतर असंतोष सुलग रहा है। साल भर के बावजूद मंत्रिमंडल में मंत्रियों की दो सीट खाली हैं।
भाजपा हाईकमान ने लिया फीडबैक
सरकारी दायित्व के लिए कार्यकर्ता एक-एक दिन गिन रहे हैं। ऐसा नहीं है कि सरकार के कामकाज पर चैंपियन से पहले किसी ने सवाल नहीं किए हों। बिशन सिंह चुफाल से लेकर हरभजन सिंह चीमा जैसे विधायकों के ऐसे बयान सामने आते रहे हैं, जिनकी प्रतिध्वनि सरकार से नाराजगी के रूप में जरूर निकली है।
मगर चैंपियन ने अपनी बात करने के लिए जिस तरह का रास्ता अख्तियार किया है, वह सबसे अलग है। भाजपा हाईकमान इस मामले पर पैनी निगाह रखे हुए है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा अब ये देख रही है कि चैंपियन के पीछे कौन-कौन हैं। जिस मिशन की बात की जा रही है, वह आखिर है क्या?
भाजपा हाईकमान ने लिया फीडबैक
चैंपियन के मामले में भाजपा हाईकमान ने प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू और प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट से फीडबैक लिया है। सूत्रों के अनुसार, भले ही चैंपियन ये कह रहे हैं कि सौहार्दपूर्ण माहौल में बात हुई है, लेकिन इस तरह की परिपाटी की शुरूआत करने पर पार्टी हाईकमान खुश नहीं है। बताया जा रहा है कि पूरी स्थिति की पड़ताल करने के बाद चैंपियन पर कार्रवाई के लिए पार्टी दून से दिल्ली तक मन बना रही है।