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BJP के इस मंत्री ने 'मदर्स डे' पर मां को किया याद, बताई ऐसी घटना जिसे पढ़ भर आएगा गला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 13 May 2018 09:11 AM IST
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प्रकाश पंत
- फोटो : SELF
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‘मैं 24 वर्ष का था। सरकारी नौकरी से त्यागपत्र देकर घर लौट आया था। मेरी जेब में मात्र 300 रुपये थे। मैं समझ नहीं पा रहा था कि क्या करूं?
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माताजी ने मेरी उदास आंखों को न सिर्फ पढ़ लिया बल्कि अपनी बचत की जमा पूंजी मेरे हाथों में थमा दी कि मैं कोई व्यवसाय कर लूं। माताजी से जुड़ी जीवन की उस घटना को मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा।’
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यह प्रेरणादायक संस्मरण वित्त मंत्री प्रकाश पंत के जीवन से जुड़ा है। मदर्स डे के बहाने ‘अमर उजाला’ ने जब उनकी माताजी से जुड़ी यादों के तार छेड़े तो उन्हें जीवन का वह कठिन दौर याद आ गया, जिसमें मां संबल बनकर उनके साथ खड़ी हो गईं थी।
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तब मां मेरा संबल बनीं
prakash pant
पंत कहते हैं, ‘माताजी का जीवन अत्यंत संघर्ष का रहा। छह भाई बहन के बड़े परिवार की जिम्मेदारी केवल पिता के वेतन पर निर्भर थी। गृहस्थी चलाना तब उतना आसान नहीं था।
माताजी ने गाय पाली ताकि हमारी परवरिश में कोई कमी न रह जाए। खुद कम खाकर उन्होंने हमें भर पेट खिलाया। जब मैं महज 24 वर्ष की आयु में सरकारी नौकरी छोड़कर घर लौट आया, तब मां ने कोई प्रश्न नहीं किया।
मेरी जेब में मात्र 300 रुपये थे। भविष्य को लेकर तमाम सवाल जेहन में तैर रहे थे। तब मां मेरा संबल बनीं। अपने कठोर परिश्रम से जो जमा पूंजी उन्होंने जुटाई थी, वह सारी मुझे दे दी ताकि मैं कोई व्यवसाय शुरू कर सकूं। आज हर क्षण उनके द्वारा की प्रार्थना ही मेरी कामयाबी का संबल है।
मां की सीख : कठिन समय में निराश मत हो। हिम्मत रखो। जरूरतमंद की मदद करो चाहे वो अपना हो या पराया
माताजी ने गाय पाली ताकि हमारी परवरिश में कोई कमी न रह जाए। खुद कम खाकर उन्होंने हमें भर पेट खिलाया। जब मैं महज 24 वर्ष की आयु में सरकारी नौकरी छोड़कर घर लौट आया, तब मां ने कोई प्रश्न नहीं किया।
मेरी जेब में मात्र 300 रुपये थे। भविष्य को लेकर तमाम सवाल जेहन में तैर रहे थे। तब मां मेरा संबल बनीं। अपने कठोर परिश्रम से जो जमा पूंजी उन्होंने जुटाई थी, वह सारी मुझे दे दी ताकि मैं कोई व्यवसाय शुरू कर सकूं। आज हर क्षण उनके द्वारा की प्रार्थना ही मेरी कामयाबी का संबल है।
मां की सीख : कठिन समय में निराश मत हो। हिम्मत रखो। जरूरतमंद की मदद करो चाहे वो अपना हो या पराया