#मीटू में फंसे भाजपा नेता को मिल सकती है राहत, पुलिस को मिला ये बड़ा सबूत
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मीटू प्रकरण में फंसे भाजपा के पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री संजय कुमार को बड़ी राहत मिल सकती है। पुलिस का दावा है कि विवेचना के दौरान ऐसे साक्ष्य नहीं मिले हैं, जिससे दुष्कर्म के आरोप की पुष्टि हो सके।
घटना को लेकर जो तारीख बताई है, उस दिन संजय कुमार की लोकेशन देहरादून के आसपास भी नहीं है। इनमें से एक दिन वे प्रदेश के एक मंत्री की बेटी की शादी में मौजूद थे। सूत्राें के मुताबिक पुलिस मुकदमे से धारा 376 (दुष्कर्म) की धारा हटाकर अन्य धाराओं में आरोपपत्र देने की तैयारी में है।
राजनीति में सियासी भूचाल ला दिया था
भाजपा से जुड़ी एक महिला ने प्रदेश भाजपा के महामंत्री (संगठन) संजय कुमार पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाकर प्रदेश की राजनीति में सियासी भूचाल ला दिया था। महिला कार्यकर्ता ने संजय कुमार पर अश्लील मैसेज भेजने और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
मामला मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद संजय कुमार को संगठन मंत्री पद से हटा दिया था। पीड़िता की तहरीर मिलने के बाद एसपी देहात सरिता डोभाल को मामले की जांच सौंपी गई थी। एसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर संजय कुमार के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था।
पीड़िता ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने 164 के तहत दर्ज बयान में पुलिस को दिए बयानों की पुष्टि की थी। इसी आधार पर पुलिस ने मुकदमे में धारा 376 को इजाफा कर दिया था।
मीटू प्रकरण की विवेचना अभी प्रचलित है। विवेचक को जिस तरह के साक्ष्य मिलेंगे, उसी आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- निवेदिता कुकरेती, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक