निकाय चुनाव से पहले बागियों पर सख्ती, बीजेपी ने दो और सपा ने तीन नेताओं को किया पार्टी से बाहर
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नगर निकाय चुनाव में बगावत करने वालों पर भाजपा का रुख बेहद सख्त बना हुआ है। सोमवार को दो और नेताओं राजेंद्र तड़ियाल और आनंद अग्रवाल को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया। इन दोनों नेताओं पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में नगर पालिका चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप है।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के निर्देश पर ये कार्रवाई की गई। पार्टी से निष्कासित तड़ियाल पूर्व मंडल अध्यक्ष रहे हैं, जबकि आनंद अग्रवाल जिला भाजपा में कोषाध्यक्ष पद थे। दोनों नेताओं पर पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी नगीना रानी के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधि में लिप्त होने की शिकायत है। सूत्रों की मानें तो रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जब भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करने डोईवाला पहुंचे तो इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तड़ियाल और अग्रवाल के बारे में शिकायत की और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग उठाई।
पार्टी के प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल ने निष्कासन की कार्रवाई की जानकारी दी है। क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार में जुटे कुछ और नेताओं व कार्यकर्ताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना है।
अब तक 64 निष्कासित
निकाय चुनाव के दौरान पार्टी नेतृत्व अब तक 64 बागियों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा चुका है। इनमें कई पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने पर निष्कासित हुए हैं तो कुछ पर पार्टी के खिलाफ प्रचार करने के दोषी पाए जाने की वजह से गाज गिरी है।
सपा ने तीन पदाधिकारियों को किया निष्कासित
भाजपा और कांग्रेस के बाद समाजवादी पार्टी ने भी बागी पार्टी नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर दी है। पार्टी ने सोमवार को तीन नेताओं को छह साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
निकाय चुनाव में टिकट बंटवारे की कलह से भाजपा और कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी भी अछूती नहीं रह पाई है। सपा ने देहरादून, हल्द्वानी और रुद्रपुर में प्रत्याशी उतारे हैं। पार्टी को कई जगह अपनों का विरोध झेलना पड़ रहा है।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह रावत की चेतावनी के बाद भी पार्टी से बगावत करने वाले पीछे नहीं हट रहे हैं। इसी कड़ी में प्रदेश अध्यक्ष रावत ने प्रदेश महासचिव अतुल शर्मा देहरादून, नरेन्द्र गुज्जर हरिद्वार और महानगर अध्यक्ष हल्द्वानी अबू तसलीम को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।