भाजपा नेता हरक सिंह रावत समेत चार नेताओं की कोर्ट में पेशी, जानिए पूरा मामला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वर्ष 2009 में विधानसभा घेराव के दौरान दर्ज बलवे के मुकदमे के मामले में बृहस्पतिवार को प्रदेश के वन मंत्री हरक सिंह, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय समेत चार नेताओं की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेशी हुई। अदालत ने वारंट निरस्त करते हुए अगली सुनवाई के लिए दो अप्रैल की तिथि मुकर्रर की है।
उक्त नेताओं ने 2009 में भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ विधानसभा घेराव किया था। इस दौरान हुए बवाल के बाद नेहरू कॉलोनी थाने में 25 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराया गया था।
पिछले साल सुनवाई के दौरान मंत्री यशपाल आर्य, सुबोध उनियाल, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रदीप टम्टा, विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, कांग्रेस के पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, दिनेश अग्रवाल आदि के खिलाफ आरोप पत्र तय हो गए थे।
उस समय मंत्री हरक सिंह रावत, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, विनोद रावत, शंकर चंद रमोला और सतपाल ब्रह्मचारी उपस्थित नहीं हो पाए थे। इस कारण इन नेताओं की पत्रावली को अलग कर दिया गया था।
वन मंत्री हरक सिंह रावत बृहस्पतिवार दोपहर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विवेक श्रीवास्तव की कोर्ट में पेश हुए। रावत के अलावा किशोर उपाध्याय, सतपाल ब्रह्मचारी, विनोद रावत ने भी अपनी हाजिरी लगाई।
पांचवें आरोपी शंकर सिंह रमोला की तरफ से हाजिरी माफी लगाई गई। सीजेएम ने मामले की सुनवाई को दो अप्रैल की तिथि निर्धारित की है। माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।