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किडनी कांड: गंगोत्री अस्पताल के बारे में खुला ऐसा राज पुलिस के पैरों तले खिसकी जमीन

Fri, 15 Sep 2017 08:23 AM IST
राकेश शर्मा / अमर उजाला, देहरादून
राकेश शर्मा / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 15 Sep 2017 08:23 AM IST
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big face revealed about dehradun kidney racket
पुलिस को मास्टर माइंड और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी का इंतजार

किडनी कांड में अभी और कई बड़े राज सामने आने की उम्मीद है। अब ऐसी बात सामने आ रही है जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच सकता है।

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सूत्रों के मुताबिक गंगोत्री चैरिटेबिल अस्पताल में अब तक 50 से ज्यादा किडनियां निकाली गई है। किडनी निकालने और ट्रांसप्लांट करने में पूरी गोपनीयता बरती जाती थी। अस्पताल में विश्वास पात्र कर्मचारियों को छोड़कर दूसरों को मरीजों तक से बात करने की मनाही थी।
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सप्ताह में तीन से चार मरीजों की एंट्री होती थी। इसकी पुष्टि के लिए पुलिस को मास्टर माइंड और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी का इंतजार है। 

पूरा सच जानने को आतुर पुलिस

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ssp nivedita kukreti
पुलिस अस्पताल के अंदर होने वाले खेल का पूरा सच जानने को आतुर है। यहां काम करने वाले कर्मचारियों से सिलसिलेवार पूछताछ में कई चौंकाने वाली बात सामने आई है।

अधिकांश लोकल कर्मचारी तो अंदर की स्थिति तक से वाकिफ नहीं थे, मगर जिस तरह उन्होंने मरीजों की संख्या बताई है, उससे अंदाज लगाया जा रहा है कि यहां 50 से ज्यादा किडनियों को निकालने और प्रत्यारोपण का काम हुआ है।

चिकित्सक की टीम कुछ समय आपरेशन थियेटर में काम करने के बाद निकल जाती थी। उसके बाद दूसरे लोगों की जिम्मेदारी उनके देख-रेख की होती थी। गंगोत्री चैरिटेबिल अस्पताल का सहारा लेकर किडनी की खरीद-फरोख्त करने वाले इस गैंग ने गोपनीयता बनाए रखने को पूरे इंतजाम किए थे।
 

अस्पताल में थी बाहर से लाए गए कर्मचारियों की ही तैनाती

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kidney racket expose in gangotri charitable hospital
ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू और जनरल वार्ड में बाहर से लाए गए कर्मचारियों की ही तैनाती थी। वो ही मरीज के पास आ जा सकते है। अस्पताल में जितने भी लोकल कर्मचारी थे, उन्हें सिर्फ बाहरी व्यवस्था देखने की जिम्मेदारी थी।

उन्हें स्पष्ट निर्देश थे कि किसी मरीज अथवा उसके तीमारदार से किसी तरह की बात न की जाए। एसएसपी निवेदिता कुकरेती का कहना है कि अपुष्ट जानकारी तो काफी है, मगर इसकी पुष्टि डा अमित और दूसरे चिकित्सकों की गिरफ्तारी के बाद ही हो सकती है।  

अस्पताल के दो गार्ड बताए गए है फरार
गंगोत्री चैरिटेबिल अस्पताल में सुरक्षा का काम देखने वाले दो गार्ड फरार बताए गए है। पुलिस उनके घरों तक गई, मगर वहां से गायब है। तीन दिन बाद गार्डों ने पुलिस से संपर्क करने की कोशिश नहीं की है, जिससे उन पर संदेह गहराता जा रहा है। 
 
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सर्जरी को बुलाए जाते थे डाक्टर

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kidney stolen
गंगोत्री चैरिटेबिल अस्पताल में सर्जरी के लिए बाहरी चिकित्सकों की भी मदद ली जाती है। पुलिस जांच में आया है कि हरिद्वार के एक चिकित्सक को सर्जरी के बहाने से यहां बुलाया गया था। हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि चिकित्सक को क्या बताया गया था। पुलिस उस चिकित्सक से बात करने की तैयारी में है। 

शेख ने दिया था एक-एक हजार रुपये
ओमान से आए एक शेख ने किडनी निकलने पर दो पीड़ितों को एक-एक हजार रुपये का पुरस्कार भी दिया था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है। किडनी निकलने के बाद शेख ने अस्पताल पहुंचकर यह रकम दी थी।
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