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Dehradun News: भालू के हमले से बचाएगा बीयर स्प्रे, व्यवस्था करने के दिए निर्देश
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बोले अधिकारी- कूड़े में भोजन की तलाश में भी आबादी में पहुंच रहे भालू
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। भालू के हमले में बचाव के लिए बीयर स्प्रे कारगर हो सकता है। इसकी व्यवस्था करने के निर्देश वन कर्मियों को दिए गए हैं। यह निर्णय प्रमुख वन संरक्षक की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
भालू के हमलों को कम करने क लिए वन विभाग की तरफ से कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बीयर स्प्रे (लाल मिर्च से बीयर स्प्रे बनता है, जो बचाव करता है) की व्यवस्था करने का फैसला किया गया है। साथ ही सोलर लाइट, बुश लाइट, फाॅक्स लाइट, पिंजरे के क्रय करने की व्यवस्था पर भी ध्यान देने के लिए कहा गया है। पीसीसीएफ ने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए सात करोड़, क्यूआरटी में स्थानीय लोगों के लिए पौने 31 लाख आदि की व्यवस्था की गई है। प्रमुख वन संरक्षक मिश्रा ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम में शिथिलता का बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उत्तरकाशी डीएफओ ने बताया कि मानसून के समय भालू के आवास को नुकसान पहुंचा है, इसके अलावा वे कूड़े में भोजन की तलाश में भी आबादी के करीब पहुंच रहे हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। भालू के हमले में बचाव के लिए बीयर स्प्रे कारगर हो सकता है। इसकी व्यवस्था करने के निर्देश वन कर्मियों को दिए गए हैं। यह निर्णय प्रमुख वन संरक्षक की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
भालू के हमलों को कम करने क लिए वन विभाग की तरफ से कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बीयर स्प्रे (लाल मिर्च से बीयर स्प्रे बनता है, जो बचाव करता है) की व्यवस्था करने का फैसला किया गया है। साथ ही सोलर लाइट, बुश लाइट, फाॅक्स लाइट, पिंजरे के क्रय करने की व्यवस्था पर भी ध्यान देने के लिए कहा गया है। पीसीसीएफ ने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए सात करोड़, क्यूआरटी में स्थानीय लोगों के लिए पौने 31 लाख आदि की व्यवस्था की गई है। प्रमुख वन संरक्षक मिश्रा ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम में शिथिलता का बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उत्तरकाशी डीएफओ ने बताया कि मानसून के समय भालू के आवास को नुकसान पहुंचा है, इसके अलावा वे कूड़े में भोजन की तलाश में भी आबादी के करीब पहुंच रहे हैं।
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