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एक्सपायरी दवा की सप्लाई पर लगी रोक
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 14 Mar 2014 10:40 AM IST
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अस्पतालों में एक्सपायरी डेट की दवा भेजने वाली हरिद्वार की पोद्दार फार्मास्युटिकल्स की सप्लाई पर रोक लगा दी गई है।
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महानिदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डा. जेएस जोशी ने बताया कि तीन सदस्यीय कमेटी मामले की जांच कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद कंपनी को ब्लैकलिस्टेड किया जाएगा।
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पोद्दार फार्मास्युटिकल्स के खिलाफ जांच करने वाली कमेटी में ड्रग विभाग के कर्मचारी भी शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य महानिदेशालय ने दवा कंपनी को नोटिस जारी की है।
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दवा कंपनी इस बीच दवा भी नहीं बना सकेगी। कंपनी की सारी दवाओं की क्वालिटी की जांच की जाएगी। कंपनी की और भी दवाएं जांच के लिए भेजी जा रही हैं।
दून अस्पताल में एक्सपायरी डेट की दवा पकड़े जाने के बाद महानिदेशालय ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों, अस्पतालों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को पत्र जारी कर दिया था।
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दवा के वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई थी। इसके साथ ही समेकित बाल विकास विभाग को सप्लाई करने के लिए कंपनी को दिया गया चार करोड़ रुपये की दवाओं का आर्डर भी ठंडे बस्ते में चला गया है।
एमआरआई जांच बिना लौटे 15 मरीज
एमआरआई जांच कराए बिना 15 रोगी गुरुवार को दून अस्पताल से लौट गए। इन रोगियों ने मेडिसिन, अस्थि विभाग और न्यूरो ओपीडी में जांच कराई थी। एमआरआई सेंटर से रोगियों को दो-तीन में आने के लिए कहा जा रहा है।
पथरी के मरीजों को भी इलाज नहीं मिल पा रहा है। पैथोलोजी में सीआरपी मशीन का केमिकल खत्म हो गया है। श्रीनगर से रेफर वीरेंद्र थापा ने कहा कि डाक्टरों ने उन्हें दून अस्पताल में जांच कराने की बात कही थी।
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वह इतनी रकम भी नहीं लाए हैं कि निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में जांच करा लें। मेहूंवाला के राजेंद्र कुमार, ब्राह्मणवाला के आतिफ को डाक्टरों ने एमआरआई जांच के लिए कहा था, उन्हें भी लौटना पड़ा।
उधर, अस्थि रोग विभाग में स्पाइनल कॉर्ड के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। लिथोट्रिप्सी मशीन खराब होने से गुर्दे की पथरी के मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
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नई मशीन में खराबी आ गई। इस पर एक माह पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने जांच बैठा दी थी। पैथोलॉजी में सीआरपी मशीन का केमिकल खत्म होने से रोगियों की जांच में दिक्कत आ रही है।