Mussoorie: बाला हिसार क्षेत्र में बनीं मजारों का बजरंग दल ने किया विरोध, वन विभाग का स्कूल प्रबंधन को नोटिस
बाला हिसार क्षेत्र में पहले एक मजार थी लेकिन वर्तमान में छह से अधिक मजारें बन गई हैं। इसके अलावा बार्लोगंज, किंग्रेग, दलाई हिल्स, अंडाखेत सहित अन्य जगह भी मजारें बनाई गई हैं। आज बजरंग दल कार्यकर्ता क्षेत्र स्थित बाबा बुल्लेशाह की मजार पर पहुंचे और विरोध जताया।
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बाला हिसार क्षेत्र में बनीं मजारों का बजरंग दल ने कड़ा विरोध किया है। दल का आरोप है कि पूर्व में मौके पर एक मजार ही थी लेकिन अब छह से अधिक मजारें बन गई हैं। मौके पर तनावपूर्ण स्थिति न बने इसके लिए पुलिस, पीएसी के साथ ही स्थानीय प्रशासन की टीम भी पहुंची। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने मजार को 50 साल पुरानी बताया है। मामले में वन विभाग ने भी स्कूल प्रबंधन को नोटिस दिया था।
शुक्रवार को बजरंग दल के शहर अध्यक्ष संदीप सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता क्षेत्र स्थित बाबा बुल्लेशाह की मजार पर पहुंचे और विरोध जताया। संदीप सिंह ने कहा कि शहर में कई जगह अवैध मजारें बन गई हैं लेकिन शासन-प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। बाला हिसार क्षेत्र में पहले एक मजार थी लेकिन वर्तमान में छह से अधिक मजारें बन गई हैं। इसके अलावा बार्लोगंज, किंग्रेग, दलाई हिल्स, अंडाखेत सहित अन्य जगह भी मजारें बनाई गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि एक सप्ताह में अवैध मजारों को नहीं हटाया गया तो बजरंग आगे की रणनीति बनाएगा। सूचना पर राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्कूल प्रतिनिधि से बात की।
वहीं, वाइनबर्ग एलन स्कूल के सीनियर अकाउंट ऑफिसर संजय मैनी ने बताया कि स्कूल के ट्रस्ट की ओर से करीब 50 वर्ष पहले एक निश्चित जमीन मजार के लिए दी गई थी। स्कूल के रिकाॅर्ड में भी इसका जिक्र है। उन्होंने साफ किया कि जमीन वन विभाग की नहीं स्कूल की है। स्कूल को मजार पर कोई आपत्ति नहीं है। बजरंग दल ने पत्र दिया है जिसे स्कूल बोर्ड के सामने रखा जाएगा।
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वहीं, मसूरी भाजपा मंडल अध्यक्ष एवं सईद बाबा बुल्लेशाह समिति के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि मजार सरकारी जमीन पर नहीं है। मुख्य मजार करीब 100 साल पुरानी है। उन्होंने कहा कि समिति के पास अभी मजार के कोई दस्तावेज नहीं हैं। दस्तावेज तलाशे जा रहे हैं। जो लोग विरोध कर रहे हैं वह उनकी सोच है। इस दौरान बजरंग दल के नगर मंत्री अनिल वर्मा, आदर्श शर्मा आदि मौजूद रहे।
स्कूल प्रबंधन को नोटिस दिया गया था। प्रबंधन ने लिखित जवाब में बताया कि मजार स्कूल की निजी जमीन पर बनी है। हालांकि स्कूल प्रबंधन की ओर से मजार के संबंध में कोई अभिलेख नहीं दिया गया है। कहा है कि नगर पालिका अपने अभिलेख देखकर बता सकती है कि मजार कितनी पुरानी है। मामले में जांच की जा रही है।
- अमित कंवर, डीएफओ, वन विभाग
मौके पर वन विभाग, राजस्व, नगर पालिका, पुलिस की टीम पहुंची और मामले की जांच की गई है। वाइनबर्ग एलन स्कूल के प्रतिनिधि का कहना है कि स्कूल की सहमति से जमीन मजार बनाने के लिए दी गई है।
- उपेंद्र राणा, नायब तहसीलदार
सभी विभागों ने सर्वेक्षण किया है। स्कूल प्रतिनिधि का कहना है कि स्कूल के पास जमीन के दस्तावेज हैं लेकिन मजार के कोई दस्तावेज नहीं हैं।
- अनिरुद्ध सिंह चौधरी, कर अधीक्षक, नगर पालिका
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