बदरी-केदारनाथ धाम में मुश्किल हुए सभी काम
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बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग अभी भी यात्रा के लिए तैयार नहीं हो पाया है। दूध गंगा में हालांकि बीआरओ वाहनों की आवाजाही के लिए हिमखंड हटा चुका है, लेकिन अभी भी हिमखंड हाईवे पर आ रहे हैं।
बैनाकुली में मिट्टी का भरान होने से सड़क धंस रही है। कई स्थानों पर खड़ी चढ़ाई होने से वाहन फंस रहे हैं। हनुमान चट्टी से दूध गंगा तक हाईवे से डामर पूरी तरह से उखड़ गया है, जो चटख धूप में धूल भरा और बारिश में दलदल में तब्दील हो रहा है।
लामबगड़ में भी भूस्खलन क्षेत्र में स्थिति नाजुक बनी हुई है। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर दूधगंगा में तीन दिन बाद बुधवार को वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है।
यहां पर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने हिम खंड को काटकर हाईवे को अपराह्न दो बजे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया। हालांकि अभी भी हाईवे के दोनों ओर करीब बीस मीटर तक हिमखंड फैला हुआ है जो चटख धूप खिलने के बाद हाईवे पर आ सकता है।
बीआरओ के कमान अधिकारी मेजर राहुल श्रीवास्तव का कहना है कि दूध गंगा और कंचन गंगा में एक डोजर हर समय खड़ा रहेगा।
केदारनाथ में मुश्किल खड़ी कर सकती है बारिश
केदारनाथ क्षेत्र में बर्फ हटाने के काम में जुटे दलों के लिए बारिश मुश्किल खड़ी कर सकती है।
राज्य मौसम केंद्र के अनुसार गुरुवार को केदारनाथ में गरजन वाले बादल विकसित हो सकते हैं। इसके साथ ही हल्की से लेकर मध्यम बारिश की संभावना है।
प्रदेश के अन्य जिलों उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग के कई हिस्सों में गरज संग बारिश हो सकती है। अन्य स्थानों पर मौसम आम तौर पर सूखा रहने की उम्मीद है।
राजधानी दून में भी हालात तकरीबन इसी तरह के रहेंगे। शाम के वक्त हालांकि बादल छा सकते हैं। इससे पहले दून में दिन भर अच्छी धूप खिली रही।
आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 67, जबकि न्यूनतम प्रतिशत 27 रिकार्ड किया गया। तापमान में भी मंगलवार के मुकाबले तकरीबन एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
गुरुवार को राजधानी के अधिकतम तापमान में उछाल की संभावना है। यह दो डिग्री सेल्सियस ऊपर जाकर 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।न्यूनतम तापमान हालांकि 17 डिग्री सेल्सियस के आस-पास बना रहेगा।
पुल बनने में लगेंगे छह दिन
केदारनाथ पैदल मार्ग पर रामबाड़ा में निर्माणाधीन स्टील गार्डर पुल को बनने में अभी पांच-छह दिन और लगेंगे। पुल के एबटमेंट (जिन पिलरों के ऊपर पुल खड़ा होता है) बन गए हैं।
अब इसके ऊपर फोल्डिंग ब्रिज बनना शेष रह गया है। उम्मीद है कि एक सप्ताह के अंदर इस पर आवाजाही शुरू हो जाएगी।
पिछले वर्ष 16/17 जून को आए जल प्रलय में केदारनाथ पैदल मार्ग जगह-जगह ध्वस्त हो गया था।
रामबाड़ा से केदारनाथ तक पैदल मार्ग इस लायक नहीं बचा कि उस पर दोबारा से आवागमन हो, इसलिए रामबाड़ा में नदी पार पहाड़ी से रास्ता बनाने का विकल्प ढूंढा गया। तब यहां दो अस्थायी पुल बनाए गए थे।
बारिश और बर्फबारी से काम की रफ्तार धीमी
अभी इनमें से एक पुल पर आवाजाही हो रही है, लेकिन यह पुल सुरक्षित नहीं है। दो पुलों के बीच में लोनिवि स्थायी फोल्डिंग पुल का निर्माण कर रहा है ताकि यहां पर सुरक्षित आवाजाही हो सके और बरसात में पुल न बहे।
वर्तमान में पुल के दोनों एबटमेंट का निर्माण हो चुका है। गुरुवार से पुल को जोड़ने का काम शुरू करने की योजना है। 15 अप्रैल को लोनिवि ने एक हफ्ते में पुल का निर्माण कार्य पूर्ण करने की बात कही थी।
लेकिन लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण काम की रफ्तार धीमी हो गई। तीन दिन से मौसम के साथ पर पुन: काम में तेजी आई है। अब विभाग एक 28 अप्रैल तक पुल चालू करने की बात कह रहा है।
बीच में मौसम की खराबी के कारण काम प्रभावित हुआ है। 27 अप्रैल तक पुल तैयार हो जाएगा। मजदूर बृहस्पतिवार से पुल जोड़ने का काम शुरू कर देंगे। इसे जोड़ने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा।
- केके श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता लोनिवि