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हरिद्वार : रामदेव ने मॉडर्न साइंस को टैरेरिज्म से जोड़ा, बोले - संन्यासी अकेले नहीं, पीछे हैं करोड़ों लोग और अनुसंधान

Thu, 03 Jun 2021 11:01 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 03 Jun 2021 11:01 AM IST
सार

बाबा बोलते हुए नजर आ रहे हैं कि मॉडर्न मेडिकल साइंस (एलोपैथी) में बहुत बड़ा घोटाला है। इसको ड्रग माफिया बोलें, फार्मा माफिया बोलें, मेडिकल माफिया बोलें या मेडिकल टैरेरिज्म बोलें, यह एक बड़ा षड्यंत्र है।

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baba ramdev allopathy controversy : ramdev connect modern science to terrorism
बाबा रामदेव - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पतंजलि योगपीठ के संस्थापक स्वामी रामदेव मौन रहने के अपने बयान से पलट गए। उन्होंने मॉडर्न साइंस (एलोपैथी) को मेडिकल टैरेरिज्म से जोड़ते हुए कहा कि अकेला संन्यासी इससे नहीं लड़ सकता। लाखों-करोड़ों लोग, वैदिक ज्ञान और अनुसंधान उनके पीछे हैं।

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स्वामी रामदेव ने बुधवार को अपने फेसबुक पेज पर एक वीडियो जारी किया है। 40 मिनट के वीडियो में उन्होंने कहा कि योग, आयुर्वेद, नेचुरोपैथी और सनातन संस्कृति के सच पर सीरियल शुरू कर दिया गया है। वीडियो में उनके साथ उनके कई साधक हैं।

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बाबा बोलते हुए नजर आ रहे हैं कि मॉडर्न मेडिकल साइंस (एलोपैथी) में बहुत बड़ा घोटाला है। इसको ड्रग माफिया बोलें, फार्मा माफिया बोलें, मेडिकल माफिया बोलें या मेडिकल टैरेरिज्म बोलें, यह एक बड़ा षड्यंत्र है। इनके खिलाफ संन्यासी अकेले नहीं लड़ सकता। 

बीमारियों के इलाज को लेकर लोगों के दिल-दिमाग में गलत बात बैठा दी

स्वामी रामदेव ने कहा कि कठोर इसलिए बोलता हूं, क्योंकि कई बीमारियों के इलाज को लेकर लोगों के दिल-दिमाग में गलत बात बैठा दी गई है। किसी व्यक्ति को बोल दिया जाए कि तुम ठीक ही नहीं होगे, कितना बड़ा अपराध है।

जो मरीजों को रुलाते हैं, ऐसे में एलोपैथी वालों को प्रसाद दूं या उनकी आरती उतारूं। बाबा ने कहा कि लोगों के मन से भ्रांतियां निकालता हूं। जो दुनिया के साइंटिस्ट नहीं कर पाए। जिसको डब्ल्यूएचओ ठीक नहीं कर पाया। ड्रग माफिया और मेडिकल माफिया ठीक नहीं कर पाए।

यदि ऐसे मरीज योग और नेचुरोपैथी से ठीक हो जाते हैं तो क्या दिक्कत है, इसलिए वह एक इंटीग्रेटेड पैैथी चाहते हैं। स्वामी रामदेव ने एलोपैथी की दो बातें भी गिनाईं। कहा कि जीवन पर बड़ा संकट आ जाए तो एलोपैथी की लाइफ सेविंग ड्रग और सर्जरी ठीक है।

उक्रांद ने रामदेव पर केस दर्ज करने की मांग की

उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल से पतंजलि योगपीठ के संस्थापक बाबा रामदेव के खिलाफ महामारी एक्ट में मुकदमा दर्ज करने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान के माध्यम से राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में आरोप लगाया कि रामदेव अपना व्यापार बढ़ाने के लिए एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति पर सवाल खड़ा कर देशवासियों को गुमराह कर रहे हैं।

उक्रांद कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान किसी भी व्यक्ति को भ्रमित करना महामारी एक्ट के खिलाफ है, इसके बावजूद हाल ही में रामदेव ने एलोपैथी चिकित्सा पद्धति पर सवाल खड़ा कर पूरे देश को गुमराह किया है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि रामदेव मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए एक सोची समझी साजिश के तहत यह सब कर रहे हैं।

दल के निवर्तमान महामंत्री जय प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि पतंजलि की भूमि शुरू से ही विवादों और सवालों के घेरे में है, जो जांच का विषय है। आरोप लगाया कि रामदेव देश के लोगों में आपसी भाईचारे को भी खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। जिनके खिलाफ महामारी एक्ट एवं देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए। ज्ञापन भेजने वालों में निवर्तमान केंद्रीय प्रवक्ता विजय कुमार बौड़ाई, राजेंद्र बिष्ट, दीपक रावत, किरन रावत, दिनेश नेगी आदि शामिल रहे।

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