हरिद्वार: बालकृष्ण बोले- रामदेव के वैक्सीन नहीं लगाने पर भ्रम है तो सरकार उन्हें बना दे ब्रांड एंबेसडर
बाबा रामदेव के कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाने के बयान को लेकर अब आचार्य बालकृष्ण ने उनके बचाव में एक और बयान दिया है।
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पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि स्वामी रामदेव के कोविड से बचाव के लिए वैक्सीन नहीं लगाने के बयान से यदि भ्रम फैला है तो उनको ब्रांड एंबेसडर बनवा दीजिए। हम इसके लिए मना थोड़ी कर रहे हैं।
भारत सरकार स्वामी रामदेव से बात करे और वो स्वयं भी आग्रह करेंगे। उन्होंने कहा कि पतजंलि के देशभर में लाखों स्वयंसेवक हैं। स्वामी रामदेव गांव-गांव जाकर लोगों को वैक्सीन के लिए जागरूक करेंगे।
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एलोपैथी चिकित्सा और फार्मा कंपनियों के खिलाफ स्वामी रामदेव ने बीते एक सप्ताह से मोर्चा खोला है। उन्होंने कुछ दिन पहले योग शिविर में साधकों से कहा था कि कोविड से बचाव के लिए योग और आयुर्वेद ही डबल डोज है। स्वयं दशकों से यही डबल डोज ले रहे हैं।
इसलिए उनको वैक्सीन की जरूरत नहीं है। उनके इस बयान से भले ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन मॉर्डन चिकित्सा पर उठाए सवालों के विरोध में आईएमए के आह्वान पर मंगलवार को देशभर में चिकित्सकों ने काले फीते बांधकर काम किया और काला दिवस मनाया।
बालकृष्ण ने रामदेव के बयानों का बचाव किया
आचार्य बालकृष्ण ने एक टीवी इंटरव्यू में स्वामी रामदेव के बयानों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव मॉर्डन चिकित्सा पर दिए बयान पर खेद जता चुके हैं, फिर विवाद कहां रह गया। मॉर्डन पैथी के चिकित्सकों ने काला दिवस मनाकर प्रोपेगेंडा फैलाया।
उन्होंने कहा कि दिन न काला होता है न भूरा होता है। काला तो मन होता है। स्वामी रामदेव ने कोई विवाद नहीं खड़ा किया, बल्कि प्रश्न उठाए। प्रश्न तो खत्म नहीं होते हैं। प्रश्न बाबा रामदेव के नहीं बल्कि देश के हैं। आईएमए प्रश्न करेगा तो उत्तर देने के लिए वो तैयार हैं, लेकिन आईएमए में दुराग्रह और असम्मान है।
आयुर्वेद वालों को जब पता चला कि उनके खिलाफ षड्यंत्र हो रहा है तो उन्होंने भी भगवा डे मनाया। उन्होंने कहा कि वैक्सीन को लेकर स्वामी रामदेव के बयान से कोई भ्रम नहीं फैला है। यदि भ्रम फैला है तो भारत सरकार उनको ब्रांड एंबेसडर बना दे। एक्टिंग और अनर्गल प्रलाप करने से नहीं होगा।