बर्फ में दबकर 21 की मौत, 85 पर्वतारोही अभी भी लापता
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नेपाल के पश्चिमांचल में दो स्थानों पर हिमस्खलन की चपेट में आने से एक भारतीय समेत 21 पर्वतारोहियों की मौत हो गई। 85 लोग अब भी लापता हैं। हादसे के शिकार ज्यादातर लोगों में विदेशी बताए जा रहे हैं।
ये सभी लोग 5496 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अन्नपूर्णा चोटी को फतह करने के बाद वापस लौट रहे थे।
मुस्तांग जिले के डीएम बाबू राम भंडारी ने बताया कि मरने वालों में नौ नेपाली, तीन पोलिश, तीन इस्राइली और एक वियतनाम का नागरिक है, जबकि 19 अन्य घायल हुए हैं।
वहीं मनांग जिले में हुए हिमस्खलन के कारण पांच विदेशी नागरिकों की मौत हो गई। मरने वालों में चार चीनी और एक भारतीय नागरिक शामिल हैं।
85 लापता, जिंदा बचने की संभावना कम
यह हादसा थोरांग पास इलाके में हुआ, यह क्षेत्र समुद्र तल से 5,416 मीटर की ऊंचाई पर मलांग और तुस्तांग जिले के सीमा पर पड़ता है। अधिकारियों ने बताया कि एकाएक काफी अधिक मात्रा में हिमस्खलन हो गया, जिससे इलाके में पांच मीटर बर्फ की मोटी चादर बिछ गई।
हिमस्खलन के बाद से 85 विदेशी पर्वतारोहियों से संपर्क नहीं हो पाया है। नेपाली सेना ने कहा कि उन्होंने मुस्तांग से 18 विदेशी पर्वतारोहियों को बचाया है। बर्फ में दबे पर्वतारोहियों की खोज के लिए सेना के हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं।
नेपाली अधिकारियों ने कहा कि बर्फ में दबे लोगों के जिंदा बचने की संभावना कम है। पश्चिमांचल के पहाड़ी इलाके में समय से पहले भारी हिमपात हो जाने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।