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Aerial Survey: वैज्ञानिकों की टीम ने किया चोराबाड़ी का सर्वे, कहा- हिमस्खलन से केदारनाथ क्षेत्र को नहीं खतरा
Tue, 04 Oct 2022 08:16 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 04 Oct 2022 08:16 PM IST
सार
बीते सोमवार को दल ने केदारनाथ से पांच किमी पैदल चलकर चोराबाड़ी ताल व ग्लेशियर का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान पता चला कि चोराबाड़ी ग्लेशियर से लगे कंपेनियन ग्लेशियर के एकोमोडेशन जोन में हिमखंड टूटे हैं।
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केदारनाथ में हिमस्खलन
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
चोराबाड़ी ताल क्षेत्र में बीते दो सप्ताह में तीन बार हुए हिमस्खलन से केदारनाथ मंदिर व आसपास के क्षेत्र को फिलहाल कोई खतरा नहीं है लेकिन सर्दियों में भारी बर्फबारी के दौरान दिक्कत हो सकती है।भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान और वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान के भू-वैज्ञानिकों ने चोराबाड़ी क्षेत्र का पैदल और हवाई निरीक्षण किया। वैज्ञानिकों का कहना है कि हालात पूरी तरह से सामान्य है।
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बीते सोमवार को दल ने केदारनाथ से पांच किमी पैदल चलकर चोराबाड़ी ताल व ग्लेशियर का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान पता चला कि चोराबाड़ी ग्लेशियर से लगे कंपेनियन ग्लेशियर के एकोमोडेशन जोन में हिमखंड टूटे हैं। चोराबाड़ी ताल में भी पानी जमा नहीं है। इसके बाद टीम पुन: केदारनाथ पहुंची और हेलीकॉप्टर से चोराबाड़ी ताल के शुरू से आखिरी छोर सहित मंदाकिनी ग्लेशियर का हवाई सर्वेेक्षण किया गया। बताया कि कंपेनियन ग्लेशियर में हुई यह प्राकृतिक घटना सामान्य है।
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दल में शामिल वाडिया संस्थान के वैज्ञानिक डा. मनीष मेहता ने बताया कि चोराबाड़ी क्षेत्र में हालात पूरी तरह से सामान्य हैं। नई बर्फ अधिक होने के कारण कंपेनियन ग्लेशियर में तीन हिमखंड टूटे हैं। कंपेनियन ग्लेशियर क्षेत्र केदारनाथ से पांच किमी ऊपर है। ऐसे में वहां ग्लेेशियर टूटने पर बर्फ के गुबार का मंदिर क्षेत्र तक पहुंचना संभव नहीं है। सर्दियों में ज्यादा बर्फबारी से ग्लेशियर जोन में एवलांच आया तो केदारनाथ क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, इस दिशा में अभी तक गंभीरता से सोचते हुए योजना बनाने की जरूरत है।
दल में भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग) के वैज्ञानिक डा. प्रतिभा पंत, डा. सीएम भट्ट, वाडिया संस्थान के डा. विनीत कुमार, देहरादून के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डा. पीयूष रौतेला शामिल थे। इधर, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि पांच सदस्यीय दल चोराबाड़ी व कंपेनियन गलेशियर का जायजा लेकर देहरादून लौट गया है। टीम द्वारा शासन व प्रशासन को रिपोर्ट दी जाएगी।