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बेटियों को जन्म देने पर इन्हें मिली थी तलाक की 'सजा', फैसला सुनकर कही आंखे नम कर देने वाली बातें

Wed, 23 Aug 2017 08:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Wed, 23 Aug 2017 08:18 AM IST
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Atiya Sabri Emotional story  after Teen talaq supreme court decision

तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला सुनाया है। उससे अतिया साबरी न सिर्फ संतुष्ट है। बल्कि बेहद खुश भी हैं। उनका कहना है क‌ि एक समय था जब उन्हें बेट‌ियों को जन्म देने की सजा म‌िली थी । इसके बाद जो उन्होंने बातें कही वो आपकी भी आंखे नम कर देंगी।

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लक्सर क्षेत्र के सुल्तानपुर कुंहारी गांव निवासी अतिया साबरी फैसले के समय अपने परिजनों के साथ सुप्रीम कोर्ट में ही थी। उन्होंने दूरभाष पर वार्ता के दौरान बताया कि तीन तलाक के कारण उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई है। लेक‌िन अब क‌िसी बेटी की ज‌िंदगी बर्बाद नहीं होगी।
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 किसी और मुस्लिम बहन की जिदंगी तीन तलाक के कारण बर्बाद न हो। इसी बात ने उसे देश की सर्वोच्च न्यायालय में आने की हिम्मत दी। वह जिस उद्देश्य के साथ सुप्रीम कोर्ट आई थी। वह उसका पूरा हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से वह पूरी तरह से संतुष्ट है। अब किसी और मुस्लिम बहन की जिदंगी तीन तलाक के कारण बर्बाद नहीं होगी। 
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लक्सर क्षेत्र के सुल्तानपुर कुंहारी गांव निवासी अतिया साबरी की शादी 25 मार्च 2012 को समीप के ही जसोद्दरपुर गांव निवासी वाजिद के साथ हुई थी। अतिया ने दो बेटियों को जन्म दिया। इस बात से अतिया का पति वाजिद और ससुर सईद अहमद बेहद नाराज थे। बेटी होने से नाराज अतिया के पति ने उसे 2 नवंबर 2015 को तलाक दे दिया।

Atiya Sabri Emotional story  after Teen talaq supreme court decision

तलाक के लिए उसने दस रुपये के स्टांप पेपर तलाक नामा बनवाया और देवबंद दारुल उलूम से उस तलाक नामे को मंजूरी भी दिला दी। 13 नवंबर 2015 को अतिया को मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। उसे जहर देने भी प्रयास किया गया। इस संबंध में लक्सर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।

अतिया ने तीन तलाक के खिलाफ आठ दिसंबर 2016 को तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। 23 जनवरी 2017 को उसकी याचिका मंजूर कर ली गई। 10 मार्च 2017 को सुप्रीम कोर्ट में अतिया की याचिका पर पहली सुनवाई हुई। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में तीन सुनवाई हुई।

11 मई से लगातार छह दिन इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में लगातार सुनवाई चली। अतिया ने बताया कि इस सुनवाई के बाद मंगलवार को सुप्रीम के चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने फैसला सुनवाया। 

झूठे केस में फंसाने खुलवाया था बैंक खाता

Atiya Sabri Emotional story  after Teen talaq supreme court decision

अतिया का कहना है कि  जिस न्याय के लिए वह सुप्रीम कोर्ट आई थी। उसे वह न्याय मिल गया है। वह कोर्ट के फैसले बेहद खुश है। इस फैसले के बाद अब तीन तलाक के नाम पर और मुस्लिम बहनों की जिंदगी बर्बाद नहीं होगी।

तीन तलाक के बाद भी अतिया के पति और ससुर ने उसको परेशान करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। अतिया के भाई रिजवान ने बताया कि अतिया के नाम से उन्होंने एक बैंक में खाता खुलवाया। वहां से उसके नाम की चेक बुक ली और उसके बाद उसे फंसाने के लिए लाखों रुपये के चेक दे दिये गए।

जिन लोगों को चेक दिए गए थे। उन्होंने उन चेकों को डिसऑनर कराया और उसके बाद अतिया पर केस कराने का प्रयास किया। लेकिन यह मामला ज्यादा दिन तक नहीं चल पाया। पुलिस ने इस पूरे मामले का भंडाफोड़ कर अतिया के पति वाजिद और ससुर सईद सहित सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इस मामले में अतिया का ससुर अभी भी जेल में है। जबकि उसके पति को जमानत मिल गई है। 

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