संदिग्ध परिस्थितियों में जहर खाने से फौजी की पत्नी की मौत, 5 माह पहले ही हुई थी शादी
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खटीमा के मेलाघाट के खालीमहुंवट गांव में फौजी की नवविवाहित पत्नी की जहर खाने से मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराया। मृतक महिला की पांच माह पहले ही शादी हुई थी।
पुलिस के अनुसार, ग्राम खालीमहुवट निवासी फौजी रघुवर सिंह भाटिया की पत्नी गीता देवी (23) ने बुधवार की देर रात संदिग्ध हालात में जहर खा लिया। रात में ही परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। रात करीब दो बजे ससुरालियों ने मायके पक्ष और पुलिस को सूचना दी। झनकईया चौकी की पुलिस ने तत्काल शव कब्जे में ले लिया।
बृहस्पतिवार की सुबह तहसीलदार योगेश वर्मा ने पंचायतनामा भरा और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इधर, पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मायके पक्ष के रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा रहा। बताया कि महिला का पति रघुवीर सिंह भाटिया सेना में है, जो शादी के लिए दो माह के अवकाश पर आने के बाद फरवरी में ड्यूटी चला गया था। घर पर दो देवर और अन्य परिजन थे। साथ ही घटना की रात गांव में कुछ दूरी पर एक शादी समारोह भी होने की बात कही गई।
सरकारी अस्पताल में डॉ. केसी पंत और डॉ. अकलीम अहमद के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। डॉ. पंत ने बताया कि विसरा जांच के लिए भेजा जा रहा है। झनकईया थाना प्रभारी जसविंदर सिंह ने बताया पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
तीन भाई बहनों में सबसे छोटी थी गीता
गीता के मायके झनकट के बानूसी गांव से आए परिजनों ललित बोरा, ललित सिंह रवींद्र भाटिया, जीजा धर्मेंद्र आदि ने बताया कि गीता पढ़ाई में मेधावी थी। उसने बीएससी की थी। वह तीन भाई बहनों में सबसे छोटी थी।
उसकी बड़ी बहन रेखा की शादी हो चुकी है जबकि भाई डॉ. भरत भाटिया देहरादून में कार्यरत है। उसके पिता हरी सिंह भाटिया का मूल गांव पिथौरागढ़ के डीडीहाट तहसील के लीमा है। कुछ समय पूर्व वे परिवार सहित बानूसी में आकर बस गए।